नागरिकता संशोधन विधेयक (citizen ammendment bill) को लेकर पूरे देश में चर्चा हो रही है। असम समेत पूर्वोत्तर के राज्यों में इसका विरोध भी किया जा रहा है। तमाम घटनाक्रमों के बीच बुधवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इसके प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। अब गुरूवार को यह विधेयक लोकसभा में प्रस्तुत किया जाएगा। पूर्वोत्तर के लोगों का कहना है कि यह विधेयक राज्यों की सांस्कृतिक, भाषाई और पारंपरिक विरासत के साथ खिलवाड़ है।
Citizenship Amendment Bill: जानें कैसे और किन आधारों पर मिलती है भारत की नागरिकता
क्या है एनआरसी?
एनआरसी एक आधिकारिक दस्तावेज है, जिससे पता चलता है कि कौन भारतीय नागरिक है और कौन नहीं। जिनके नाम इसमें शामिल नहीं होते हैं, उन्हें अवैध नागरिक माना जाता है। असम पहला राज्य है जहां 1951 के बाद इसे अपडेट किया जा रहा है। इसके हिसाब से 25 मार्च, 1971 से पहले असम में रह रहे लोगों को भारतीय नागरिक माना गया है। एनआरसी का पहला मसौदा 31 दिसंबर और एक जनवरी की रात जारी किया गया था, जिसमें 1.9 करोड़ लोगों के नाम थे।
क्या है नागरिकता संशोधन विधेयक ?
नागरिकता संशोधन विधेयक नागरिकता अधिनियम 1955 के प्रावधानों को बदलने के लिए पेश किया जा रहा है, जिससे नागरिकता प्रदान करने से संबंधित नियमों में बदलाव आएंगे। नागरिकता विधेयक में इस संशोधन से बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान से आए हिंदुओं के साथ ही सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाइयों के लिए भारतीय नागरिकता लेना आसान हो जाएगा।
कैसे मिलती है भारतीय नागरिकता?
नागरिकता अधिनियम,1955 के अंतर्गत धारा 3,4,5(1) और 5(4) के अनुसार भारतीय नागरिता चार पैमानों पर दी जाती है। इसमें जन्म, पंजीकरण, वंश और रहने के आधार शामिल हैं।
जन्म के आधार पर
-
26 जनवरी 1950 से 1 जुलाई 1987 के बीच भारत में पैदा हुए लोगों को उनके माता-पिता की नागरिकता का ख्याल करे बिना भारतीय माना जाता है।
- भारत में जन्म लेने वाले हर उस व्यक्ति को भारतीय माना जाता है, जो 1 जुलाई 1987 से 2 दिसंबर 2004 के बीच पैदा हुआ है। भले ही उसके माता-पिता उसके (शख्स) जन्म के समय किसी और देश के नागरिक क्यों न हों।
- 3 दिसंबर 2004 या उसके बाद देश में जन्म लेने वाले लोग भी भारतीय माने जाते हैं, जिनके अभिभावक भारतीय होते हैं या फिर उनमें (माता-पिता में) से एक बच्चे के जन्म के वक्त भारतीय हो, जबकि दूसरा अवैध प्रवासी नहीं होना चाहिए।
पंजीकरण के आधार पर
- भारतीय नागरिकता पंजीकरण के आधार पर भी हासिल की जा सकती है।
- भारतीय मूल का व्यक्ति, जो देश में नागरिकता के लिए आवेदन करने के सात साल पहले तक यहां रहा हो।
- भारतीय मूल का वह व्यक्ति जो अविभाजित भारत के बाहर किसी देश का नागरिक हो।
- वह व्यक्ति जिसकी शादी किसी भारतीय नागरिक से हुई हो और वह नागरिकता के आवेदन करने के सात साल पहले से देश में रह रहा हो।
- वे नाबालिग बच्चे, जिनके माता-पिता भारतीय हों।
कमेंट
कमेंट X