अगर आप नीट परीक्षा के लिए आवेदन करने जा रहे हैं तो यह एक गलती बिल्कुल न करें। नहीं इस गलती का खामियाजा आपको एग्जाम के दौरान उठाना पड़ेगा।
NEET 2018: आवेदन के समय यह एक गलती बिल्कुल न करें, वरना एग्जाम में परेशानी झेलेंगे
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एमबीबीएस, बीडीएस दाखिलों की कॉमन राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) में हिंदी और क्षेत्रीय भाषा वाले छात्रों को सीबीएसई दो भाषाओं में प्रश्न-पत्र उपलब्ध कराएगा। केवल अंग्रेजी वाले छात्रों को एक ही भाषा में प्रश्न-पत्र मिलेगा। बोर्ड पहले ही साफ कर चुका है कि सभी भाषाओं में छात्रों को समान प्रश्न दिए जाएंगे।
नीट की आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इस बीच सीबीएसई ने विभिन्न सवालों पर अपने जवाब वेबसाइट पर अपलोड किए हैं। बोर्ड इस साल नीट का आयोजन 11 भाषाओं (हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू, असमी, बंगाली, गुजराती, कन्नड़, मराठी, उड़िया, तमिल व तेलुगु) में करा रहा है।
आवेदन पत्र करते हुए अगर कोई छात्र अंग्रेजी माध्यम चुनेगा तो उसे केवल अंग्रेजी में ही प्रश्न पत्र मिलेगा। इसके बाद हिंदी सहित दूसरी क्षेत्रीय भाषाओं का माध्यम चुनने वाले छात्रों को उस भाषा के प्रश्न-पत्र के साथ ही अंग्रेजी में भी पेपर मिलेगा।
बोर्ड ने यह भी साफ किया है कि अगर कोई संबंधित भाषा में मिसप्रिंटिंग होती है तो अंग्रेजी का सवाल ही सही माना जाएगा। उसके आधार पर ही मूल्यांकन किया जाएगा। परीक्षा विशेषज्ञ विपिन बलूनी के मुताबिक छात्र सोच समझकर ही भाषा का चयन करें। अन्यथा नुकसानदायक हो सकता है। हिंदी वाले हिंदी माध्यम चुनेंगे तो बेहतर होगा।
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