देशभर में केंद्रीय और स्टेट बोर्ड की परीक्षाएं खत्म होने वाली हैं। रिजल्ट आते ही देशभर के कॉलेजों में एडमिशन की होड़ शुरू हो जाएगी। बच्चों से लेकर उनके मां-बाप तक सभी इस दुविधा में फंसे हुए हैं कि 12वीं के बाद क्या होगा? बच्चों को क्या पढ़ाया जाए कि उनका आगे का करियर ठीक रहे।
नहीं पसंद है इंजीनियरिंग? तो कुछ अलग कोर्स पर तैयार करें करियर
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1.रूरल स्टडीज:
जैसा कि नाम से जाहिर है रूरल स्टडीज विषय में ग्रामीण इलाकों की बारीकी से पढ़ाई होनी है। कैसे उन इलाकों का विकास किया जा सकता है इस बाबत नए-नए आइडिया सिखाए जाते हैं। ग्रामीण इलाकों में किस तरह से रोजगार के मौके तैयार किए जा सकते हैं। कैसे ग्रामीण इलाकों के लोगों के जीवन स्तर में गांव में रहते हुए ही सुधार किया जा सकता है।
अगर गांव और वहां की दुनिया से थोड़ा सा भी प्यार हो तो ये कोर्स आपके सपने को सच कर सकता है। इसके अलावा कई प्राइवेट कंपनियों में सीएसआर डिपार्टमेंट में रूरल स्टडीज के लोगों की जरूरत होती है। सरकार की कई नीतियों के जमीनी क्रियान्वयन के लिए इन एक्सपर्ट्स की जरूरत होती है।
देशभर के कई कॉलेज रूरल स्टडीज में स्नातक स्तर के कोर्स का संचालन करते हैं। जहां से कोर्स पूरा किया जा सकता है। साथ ही कई ऐसे कॉलेज भी हैं जहां परास्नातक स्तर की पढ़ाई की जा सकती है।
2. टी-टेस्टिंग:
चाय, हिंदुस्तान के घरों में तैयार होने वाली वो संजीवनी जिसके बिना लोगों के घरों के ऊपर सूर्योदय होता ही नहीं है। लेकिन आपको शायद ये पता नहीं होगा कि देशभर में कई ऐसे कॉलेज हैं जो टी-टेस्टिंग में कोर्स करवाते हैं और देश की ज्यादातर चाय बनाने वाली कंपनियों में टी टेस्टर्स की जरूरत होती है। जिनकी सैलरी लाखों में होती है। इसके अलावे 5 स्टार होटलों में भी टी-टेस्टर की जरूरत होती है।
अगर आपको लगता है कि आपके टेस्ट बड्स अच्छे हैं और ट्रेनिंग लेकर आप इसे डिफाइन कर सकते हैं तो ये कोर्स आपके लिए है। इसके अलावे कुछ अलग काम करने की चाहत है, डॉक्टर, इंजीनियर और अधिवक्ता के नाम से थक चुके हैं तो कुछ नया करें। इसके साथ-साथ इस तरह के एक्सपर्ट को टी-मार्केटिंग और ब्रांडिंग के काम के लिए भी हायर किया जाता है।
3.फोटोनिक्स
फोटोनिक्स, इस शब्द में दो शब्द छिपे हुए हैं फोटोन और इलेक्ट्रॉनिक्स। ये एक ऐसा कोर्स है जिसकी ना ही इंडिया में बहुत ज्यादा जगहों पर पढ़ाई होती है और ना ही बहुत ज्यादा जगहों पर नौकरी के ही मौके मिलते हैं। लेकिन इस कोर्स में विदेशों में नौकरी के बहुत मौके हैं। साथ ही अगर आपको विज्ञान के विषयों में गहरे तक उतरने की रुचि हो तो इस कोर्स से नाता जोड़ना आपके लिए फायदे का सौदा है।
कभी आपके दिमाग में इस तरह के ख्याल आते हैं कि ये जो लाइट है इसके अंदर क्या है? इसे पकड़ नहीं सकते लेकिन जा तो सकते ही है कि आखिर इसके अंदर की सूक्ष्मता क्या है।
कोर्स करने के बाद इंडिया में कुछ गवर्नमेंट संस्थाओं के अलावे कुछ रिसर्च ऑर्गेनाईजेशन में भी नौकरी के मौके उपलब्ध होते हैं।
4.फूड फ्लेवरिस्ट:
अगर आपको इंटरेस्ट रहा है केमिस्ट्री पढ़ने में और केमिस्ट्री की लैब में काम करने में एक अलग सा इंटरेस्ट रहा हो तो अपनी आंखें बंद कर लें और इस कोर्स की तरफ के कदम आगे बढ़ा लें। कई बार आपने किसी ड्रिंक या किसी फूड आइटम के पैकेट पर इस तरह लिखा हुआ देखा होगा कि इसमें टेस्ट के लिए कुछ केमिकल भी मिलाए गए हैं। ये काम दरअसल फूड फ्लैवरिस्ट ही करते हैं।
ये अलग-अलग तरह के केमिकल्स के साथ एक्सपेरिमेंट कर एक नया टेस्ट तैयार करते हैं जो शायद बिलकुल ही अलहदा हो तो फिर इस नए टेस्ट के साथ मार्केट में एक नया प्रोडक्ट लॉन्च होता है। कई ऐसे प्रोडक्ट हैं जिनकी एक स्पेसिफिक फूड फ्लेवर केमिस्ट्री तैयार है, लेकिन उसकी भी मॉनिटरिंग करनी होती है। इसके लिए भी फूड फ्लेवरिस्ट की जरूरत होती है।
नौकरियों की कोई कमी नहीं है साथ ही अगर सीखने की ललक और कुछ नया करने का जज्बा हो तो एक फूड फ्लेवरिस्ट के तौर पर आप ऊंचाइयों पर जा सकते हैं।
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