{"_id":"5a02b55f4f1c1b71548bb828","slug":"discussion-of-women-empowerment-in-anand-engineering-college-agra","type":"story","status":"publish","title_hn":"आनन्द इंजीनियरिंग कालेज में नारी सशक्तिकरण पर चर्चा, महिलाओं को अधिकार और मान देने का संकल्प","category":{"title":"Career Plus","title_hn":"करियर प्लस","slug":"career-plus"}}
आनन्द इंजीनियरिंग कालेज में नारी सशक्तिकरण पर चर्चा, महिलाओं को अधिकार और मान देने का संकल्प
Advertorial
Updated Thu, 09 Nov 2017 11:26 AM IST
विज्ञापन
आनन्द इंजीनियरिंग कालेज टेक्निकल कैम्पस आगरा में 'महिलाओं की प्रगति एवं सशक्तिकरण' विषय पर परिचर्चा का आयोजन किया गया। परिचर्चा में कालेज के डा आर.पी. सिन्हा, डा निमिषा पाठक, डा दिप्ती गुप्ता, डा शिल्पा सक्सेना, डा सोनल पुडींर, डा कोमल दास व श्रीमती स्मृति कौशिक शामिल हुई एवं परिचर्चा का संचालन श्री राहुल अग्रवाल ने किया।
इस परिचर्चा का शुभारंभ मां सरस्वती की आराधना के साथ हुआ। परिचर्चा में शामिल हुए सदस्यों के मतानुसार महिलाओं के साथ असमानता और भेदभाव का व्यवहार समाज में, घर में और घर के बाहर विभिन्न स्थलों पर किया जाता है उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कुछ परिवारों में लड़की को शिक्षित करना बुरा माना जाता है, किसी भी राष्ट्र के सर्वागीण विकास के लिए यह आवश्यक है की महिलाएं शारीरिक, मानसिक और सामाजिक रूप से विकसित हो और यह तभी संभव है जब उन्हें शिक्षित किया जाए।
सदस्यों ने बताया कि संविधान ने महिलाओं को शक्तियां एवं अधिकार प्रदान किए हैं। परन्तु हर प्रकार के भेदभाव, शोषण, अन्याय, अत्याचार एवं दमन का मुकाबला उन्हें स्वयं ही करना होगा तभी स्त्रियों की स्वतंत्र पहचान बन पाएगी और व्यापक रूप से उनका अस्तित्व कायम हो पाएगा।
विज्ञापन
इस कार्यक्रम के संचालक श्री राहुल अग्रवाल ने कहा कि महिला सशक्तिकरण एवं उनकी प्रगति के लिए आवश्यक है कि उनको बुनियादी सुविधाओं के साथ आधुनिक सुविधाएं मिलें जिससे वह पुरुषों के समाज में अधिक सक्षम होकर जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और कार्यक्षमता का लोहा मनवा सकें।
कॉलेज के निदेशक प्रोफेसर अनिल किशोर ने कहा की नारी का अस्तित्व ही सशक्त समाज का आधार है, महिलाएं बहुर्मुखी प्रतिभा की धनी होती हैं, केवल आवश्यकता है की उन्हें निर्भय और मुक्त भाव से काम करने का अवसर प्रदान हो। इसके साथ उन्होंने यह भी कहा की आज लड़कियां आत्मनिर्भर हो रही हैं और कंधे से कंधा मिलाकर विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ रही हैं। महिलाओं को सामान अधिकार और मान देने से ही देश की शान बढ़ेगी।
-Advertorial
विज्ञापन
इस परिचर्चा का शुभारंभ मां सरस्वती की आराधना के साथ हुआ। परिचर्चा में शामिल हुए सदस्यों के मतानुसार महिलाओं के साथ असमानता और भेदभाव का व्यवहार समाज में, घर में और घर के बाहर विभिन्न स्थलों पर किया जाता है उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कुछ परिवारों में लड़की को शिक्षित करना बुरा माना जाता है, किसी भी राष्ट्र के सर्वागीण विकास के लिए यह आवश्यक है की महिलाएं शारीरिक, मानसिक और सामाजिक रूप से विकसित हो और यह तभी संभव है जब उन्हें शिक्षित किया जाए।
विज्ञापन
सदस्यों ने बताया कि संविधान ने महिलाओं को शक्तियां एवं अधिकार प्रदान किए हैं। परन्तु हर प्रकार के भेदभाव, शोषण, अन्याय, अत्याचार एवं दमन का मुकाबला उन्हें स्वयं ही करना होगा तभी स्त्रियों की स्वतंत्र पहचान बन पाएगी और व्यापक रूप से उनका अस्तित्व कायम हो पाएगा।
विज्ञापन
इस कार्यक्रम के संचालक श्री राहुल अग्रवाल ने कहा कि महिला सशक्तिकरण एवं उनकी प्रगति के लिए आवश्यक है कि उनको बुनियादी सुविधाओं के साथ आधुनिक सुविधाएं मिलें जिससे वह पुरुषों के समाज में अधिक सक्षम होकर जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और कार्यक्षमता का लोहा मनवा सकें।
कॉलेज के निदेशक प्रोफेसर अनिल किशोर ने कहा की नारी का अस्तित्व ही सशक्त समाज का आधार है, महिलाएं बहुर्मुखी प्रतिभा की धनी होती हैं, केवल आवश्यकता है की उन्हें निर्भय और मुक्त भाव से काम करने का अवसर प्रदान हो। इसके साथ उन्होंने यह भी कहा की आज लड़कियां आत्मनिर्भर हो रही हैं और कंधे से कंधा मिलाकर विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ रही हैं। महिलाओं को सामान अधिकार और मान देने से ही देश की शान बढ़ेगी।
-Advertorial
कमेंट
कमेंट X