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पाकिस्तान के लिए जासूसी: पाक जाने पर हैंडलरों के संपर्क में आया था हबीबुर्रहमान, फिर हुआ खुफिया नेटवर्क में शामिल
Fri, 16 Jul 2021 08:57 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Fri, 16 Jul 2021 08:57 AM IST
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आरोपी हबीबुर्रहमान
- फोटो : अमर उजाला
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दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए जासूसी करने के मामले में आगरा कैंट से सैन्यकर्मी परमजीत को बुधवार को गिरफ्तार किया। परमजीत ही ठेकेदार हबीबुर्रहमान उर्फ हबीब को गोपनीय दस्तावेज देता था। हबीब गोपनीय दस्तावेज आगे आईएसआई हैंडलर को देता था। इन पाकिस्तान हैंडलर को अलग-अलग नामों से जाना जाता है। गोपनीय दस्तावेज देने के बदले पाकिस्तान से दोनों के बैंक खातों में हवाला के जरिये पैसे आए थे। जासूसी के मामले में हरियाणा पुलिस के एक सिपाही को भी गिरफ्तार किया गया है। दिल्ली पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले में जल्द ही और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। दिल्ली पुलिस के विशेष पुलिस आयुक्त (अपराध शाखा) प्रवीर रंजन ने बताया कि अपराध शाखा की टीम एक ऑपरेशन पर काम कर रही थी, तभी सूचना मिली थी कि कुछ लोग सेना से संबंधित गोपनीय दस्तावेज पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई को दे रहे हैं। ये लोग जासूसी नेटवर्क से जुड़े हुए हैं। इसके बाद पोखरण, राजस्थान से हबीबुर्रहमान को मंगलवार को गिरफ्तार किया गया। उसके कब्जे से सेना के गोपनीय दस्तावेज, पोखरण सेना कैंप का नक्शा और लोकेशन बताने वाले कागजात बरामद किए गए।
पाकिस्तान के लिए जासूसी
- फोटो : अमर उजाला
पाकिस्तान जाने पर हैंडलरों के संपर्क में आया था हबीब
विशेष पुलिस आयुक्त प्रवीर रंजन ने बताया कि हबीबुर्रहमान के रिश्तेदार पाकिस्तान के सिंध प्रांत में रहते हैं। वह कुछ वर्ष पहले अपने रिश्तेदारों से मिलने गया था। इसी दौरान पाकिस्तानी हैंडलरों के संपर्क में आया था। हैंडलरों के कहने पर खुफिया नेटवर्क में शामिल हो गया। पाकिस्तान हैंडलरों ने इससे कागजात मांगे। जासूसी नेटवर्क में इनकी संलिप्तता की पुष्टि हो गई है।
विशेष पुलिस आयुक्त प्रवीर रंजन ने बताया कि हबीबुर्रहमान के रिश्तेदार पाकिस्तान के सिंध प्रांत में रहते हैं। वह कुछ वर्ष पहले अपने रिश्तेदारों से मिलने गया था। इसी दौरान पाकिस्तानी हैंडलरों के संपर्क में आया था। हैंडलरों के कहने पर खुफिया नेटवर्क में शामिल हो गया। पाकिस्तान हैंडलरों ने इससे कागजात मांगे। जासूसी नेटवर्क में इनकी संलिप्तता की पुष्टि हो गई है।
परमजीत
- फोटो : अमर उजाला
हवाला के जरिये खातों में आए पैसे
दिल्ली पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गोपनीय दस्तावेज देने की एवज में दोनों के बैंक खातों में हवाला के जरिये पैसे आए। बैंक खातों की डिटेल से इसकी पुष्टि होती है। इनके कई बैंक खातों का पता लगा है। इन बैंक खातों को सीज कर दिया गया है। बैंक खातों में काफी पैसे हैं।
दिल्ली पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गोपनीय दस्तावेज देने की एवज में दोनों के बैंक खातों में हवाला के जरिये पैसे आए। बैंक खातों की डिटेल से इसकी पुष्टि होती है। इनके कई बैंक खातों का पता लगा है। इन बैंक खातों को सीज कर दिया गया है। बैंक खातों में काफी पैसे हैं।
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फाइल फोटो
सीडी के जरिए भी गुप्त जानकारी दी थी
दिल्ली पुलिस की जांच में ये बात आ रही थी कि आरोपी व्हाट्सएप पर हैंडलर को गुप्त सूचना देते थे। ये बात भी जांच में सामने आई है कि आरोपियों ने सीडी के जरिए भी बहुत ही संवेदनशील जानकारी पाकिस्तानी हैंडलरों को दी थी। आरोपी वर्ष 2019 में पाकिस्तान गया था। हबीब को कई बार कैश में भी रकम दी गई थी।
दिल्ली पुलिस की जांच में ये बात आ रही थी कि आरोपी व्हाट्सएप पर हैंडलर को गुप्त सूचना देते थे। ये बात भी जांच में सामने आई है कि आरोपियों ने सीडी के जरिए भी बहुत ही संवेदनशील जानकारी पाकिस्तानी हैंडलरों को दी थी। आरोपी वर्ष 2019 में पाकिस्तान गया था। हबीब को कई बार कैश में भी रकम दी गई थी।
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फाइल फोटो
वर्ष 2009 में पोखरण आया था हबीब
हाई स्कूल तक पढ़ाई करने वाला हबीबुर्रहमान ने कई जगहों पर काम किया था। वह वर्ष 2009 में बीकानेर से पोखरण आया था। पोखरण में इसने सेना में ठेके पर सब्जियां व फल सप्लाई करना शुरू किया। बाद में फल, सब्जी, आईसक्रीम व सामान सप्लाई करना शुरू कर दिया था। पाकिस्तान हैंडलर के कहने पर इसने परमजीत से दोस्ती की। परमजीत से ये गोपनीय दस्तावेज लेता था।
हाई स्कूल तक पढ़ाई करने वाला हबीबुर्रहमान ने कई जगहों पर काम किया था। वह वर्ष 2009 में बीकानेर से पोखरण आया था। पोखरण में इसने सेना में ठेके पर सब्जियां व फल सप्लाई करना शुरू किया। बाद में फल, सब्जी, आईसक्रीम व सामान सप्लाई करना शुरू कर दिया था। पाकिस्तान हैंडलर के कहने पर इसने परमजीत से दोस्ती की। परमजीत से ये गोपनीय दस्तावेज लेता था।