फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

ब्रज से सैकड़ों मील दूर यहां भी मनाई जाती है लट्ठमार होली, कुर्ता फाड़ होली का भी है रिवाज

Sat, 24 Feb 2018 10:05 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गुरुग्राम
ब्यूरो/अमर उजाला, गुरुग्राम Updated Sat, 24 Feb 2018 10:05 AM IST
विज्ञापन
see the different colours of holi
kurtafad holi - फोटो : सुदर्शन झा

देश के अलग-अलग हिस्सों में होली की अलग-अलग परंपरा है। देश का एक ऐसा हिस्सा भी है जो ब्रज से सैकड़ों मील दूर है लेकिन यहां बिल्कुल वैसी ही होली मनाई जाती है।

see the different colours of holi
holi - फोटो : demo

साइबर सिटी में कई प्रदेशों के लोगों के रहने की वजह से हर प्रदेश की होली यहां देखने को मिलती है। ब्रज के एक इलाके में लठ्ठमार होली तो दूसरे इलाके में होली की अलग आकर्षक परंपरा चली आ रही है। गुरुग्राम में रहने वाले बिहार मूल के लोगों की होली का अपना अलग अंदाज यहां देखने को मिलता है। फाल्गुन में भांग के साथ बिहार में होली का अपना महत्व है। स्थानीय बिहारी समुदाय में अभी से तैयारी शुरू हो गई है। बिहार की होली के प्रचलन ने साइबर सिटी में भी अपना ही रंग जमा लिया है।

see the different colours of holi
- फोटो : अमर उजाला
होली के दिन यहां ‘कुर्ता फाड़ होली’ देखने को मिलती है। बिहार में होली के गायन की अपनी परंपरा रही है और यह गुरुग्राम की गलियों में सुनी जा सकती है। यहां भोजपुरी और मगही बोली के गीत लोग गाते गुनगुनाते रहते हैं। होली गीतों के गायन से क्षेत्र विशेष के लोगों के बीच परंपराओं की जानकारी मिल जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
see the different colours of holi
kurtafad holi - फोटो : सुदर्शन झा

बिहार में कादो (कीचड़) से होली की परंपरा साइबर सिटी में कम देखने को मिलती है, लेकिन कॉलोनियों में रहने वाले इसमें भी दिल खोलकर हिस्सा लेते हैं। इसमें कीचड़ के साथ गोबर का मिश्रण बनाया जाता है। बिहारी मूल के युवाओं की मंडली दो समूहों में बंटकर अकसर इसे आजमाती है। दोपहर बाद यहां रंग और अबीर से फिर होली खेली जाती है।

विज्ञापन
see the different colours of holi
होली - फोटो : amar ujala

कादो और कपड़ा फाड़ होली के कारण अक्सर लोग पुराने कपड़े को पहले पहर में प्राथमिकता देते हैं। इसके बाद नहा-धोकर साफ सुथरे या नए कपड़े में अबीर की होली खेली जाती है। पहले इसमें होली गायन का दौर होता था, लेकिन अब बदलते समय में गायन खत्म हो गया है, पर कुर्ता फाड़ होली जिंदा है। साइबर सिटी में यह अपने शबाब पर है और इसे सभी आजमाते हैं।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed