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जेएनयू छात्रसंघ चुनाव: मारपीट-हंगामा, साढ़े 16 घंटे बंद रही मतगणना

Sat, 15 Sep 2018 10:40 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sat, 15 Sep 2018 10:40 PM IST
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JNUSU Results 2018 votes counting stopped due to rioting during counting of votes
JNUSU elections

जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव में मतगणना के दौरान मारपीट-हंगामे के चलते करीब साढ़े 16 घंटे मतगणना बंद रही। शुक्रवार रात तीन बजे मतगणना रोकी गयी थी। शनिवार शाम साढ़े सात बजे दोबारा शुरू हुई। एबीवीपी ने चुनाव आयोग पर मतगणना केंद्र में एबीवीपी एजेंट को नहीं घुसने देने का आरोप लगाया है। उधर, इस आरोप पर चुनाव आयोग ने कहा कि दो प्रत्याशियों ने अभद्र व्यवहार, मारपीट व सीलबंद बैलट बॉक्स उठाने की कोशिश की, जिसके चलते मतगणना बीच में रोकनी पड़ी। हंगामे के दौरान वामपंथी और एबीवीपी कार्यकर्ताओं के बीच जमकर लात-घुसे चले।


(सभी फोटो- जी. पाल/अमर उजाला/नई दिल्ली)
 
JNUSU Results 2018 votes counting stopped due to rioting during counting of votes
JNUSU elections

कैंपस में शुक्रवार को 11 सालों के बाद छात्रसंघ चुनाव में सर्वाधिक 68 फीसदी शांतिपूर्वक मतदान हुआ था लेकिन मतगणना प्रक्रिया पूरी होते-होते हिंसक हो गया। रात करीब दस बजे मतगणना शुरू होनी थी, लेकिन साढ़े दस बजे हुई। केंद्र के बाहर वामपंथी, बापसा व एबीवीपी के एजेंट मतगणना स्थल में जाने का इंतजार कर रहे थे। इसी बीच अनाउंसमेंट के बाद वामपंथी व बापसा के एजेंट अंदर दाखिल हो गए लेकिन एबीवीपी एजेंट बाहर रह गया। सबसे बड़ी बात यह है कि एबीवीपी एजेंट की गैर मौजूदगी में चुनाव आयोग ने वोटों की गिनती शुरू करा दी। साथ ही सिक्योरिटी से केंद्र को सील करा दिया। एबीवीपी को जैसे ही उनके एजेंट के बगैर मतगणना शुरू होने की जानकारी मिली हंगामा शुरू हो गया। 

JNUSU Results 2018 votes counting stopped due to rioting during counting of votes
JNUSU elections

आलम यह रहा कि 11 बजे से रात तीन बजे तक केंद्र के बाहर हंगामा होता रहा। उग्र छात्रों ने मतगणना केंद्र के शीशे के दरवाजे को पत्थर मारकर तोड़ दिया और अंदर दाखिल हो गए। हंगामे के चलते चुनाव आयोग ने करीब तीन बजे मतगणना का काम रोक दिया। इसके बाद भी एबीवीपी और वामपंथी समर्थक हंगामा करते रहे। दोनों छात्र संगठन एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाते रहे।  

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चुनाव आयोग वामपंथी दलों का दे रहा साथ : एबीवीपी  
छात्रसंघ के पूर्व संयुक्त सचिव व एबीवीपी पदाधिकारी सौरभ शर्मा के मुताबिक, आयोग के सदस्य वामपंथी व बापसा के एजेंट को मतगणना बूथ पर ले गए। जबकि एबीवीपी एजेंट से इंतजार करने को कहा। आधा घंटा बीतने के बाद भी एजेंट को अंदर दाखिल नहीं कराया गया। संगठन ने विरोध दर्ज करवाया तो लेफ्ट ने मारपीट शुरू कर दी। चुनाव आयोग वामपंथी दलों का साथ दे रहा है। चुनाव आयोग के आरोप पर सौरभ का कहना था कि एबीवीपी के एजेंट जब मतगणना बूथ पर मौजूद ही नहीं थे तो अध्यक्ष व संयुक्त सचिव प्रत्याशी सीलबंद बैलट बॉक्स उठाने की कोशिश कैसे कर सकते हैं? एबीवीपी से मतगणना में शामिल होने का अधिकार भी छीन लिया गया।  

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अध्यक्ष व सह सचिव प्रत्याशी ने बैलट बॉक्स उठाया : चुनाव आयोग 
चुनाव आयोग आयुक्त हिमांशु कुलश्रेष्ठ के मुताबिक, लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों का पालन किया है। मतगणना से पहले तीन बार लाउडस्पीकर से एजेंट भेजने की घोषणा की गई थी। दस उम्मीदवारों के 14 एजेंट आ गए। हम मतपेटी खुलने के बाद बीच में किसी उम्मीदवार का एजेंट शामिल नहीं कर सकते हैं। चुनाव आयोग ने एजेंट को शामिल होने का मौका दिया था। मतगणना बूथ पर एक छात्र संगठन के अध्यक्ष व सह सचिव प्रत्याशी ने जबरदस्ती आकर सीलबंद बैलेट बॉक्स उठाने की कोशिश की। मतगणना के दौरान मारपीट व अभद्र व्यवहार करने के चलते मतगणना रोक दी गई।

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