जेएनयू के लापता छात्र नजीब अहमद मामले में दिल्ली पुलिस को 14 अक्तूबर की रात नजीब से मारपीट करने वाले एबीवीपी के तीन छात्रों से भी पूछताछ करनी चाहिए। पूछताछ के लिए उन सभी के फोन रिकॉर्ड की भी जांच होनी जरूरी है। इसके अलावा विश्वविद्यालय प्रबंधन नजीब के नाम वापस लौटने की अपील जारी करते हुए उसकी सुरक्षा व न्याय दिलाने का भी भरोसा दे। इसके अलावा दिल्ली पुलिस जांच संबंधी हर दिन का अपडेट भी विश्वविद्यालय समेत छात्रों से साझा करे, ताकि सही जानकारी मिल सके।
JNU: मानव श्रृंखला बनाकर वीसी दफ्तर को घेरा, आज मनेगा राष्ट्रीय विरोध दिवस
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छात्रसंघ पदाधिकारियों का कहना है कि एबीवीपी के अलावा विश्वविद्यालय प्रबंधन भी इस पूरे मामले में दोषी है क्योंकि उन्होंने इस मामले में नजीब अहमद का पक्ष नहीं जाना था। इस मामले में अब बिना देरी किए तीन आरोपी छात्रों से पूछताछ करनी जरूरी है।
आज मनेगा राष्ट्रीय विरोध दिवस
जेएनयू छात्रसंघ सोमवार को राष्ट्रीय विरोध दिवस मनाएगा। मंडी हाउस से जंतर मंतर तक आयोजित होने वाले इस विरोध दिवस में देशभर से शिक्षक, छात्र और आम लोग भी जुड़ेंगे। छात्रों का प्रतिनिधिमंडल नजीब अहमद को तलाशने के लिए उपराज्यपाल नजीब जंग के अलावा राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग से भी मिलेगा।
मानव श्रृंखला बनाई
जेएनयू छात्रसंघ और वामपंथी छात्र संगठनों ने कुलपति कार्यालय को मानव श्रृंखला बनाते हुए रविवार को नजीब अहमद मामले में एकजुट होकर तलाशने की अपील की। इस मानव श्रृंखला में विभिन्न विश्वविद्यालय के छात्र और शिक्षक संगठनों ने भी भाग लिया।
मारने वाले बयान का खंड
माही मांडवी हॉस्टल के अध्यक्ष अलीमुद्दीन ने कैंपस में जगह-जगह पोस्टर लगाकर नजीब अहमद को मारने वाले बयान का खंडन किया है। अलीमुद्दीन ने कहा है कि यदि तीन छात्रों ने नजीब अहमद को 13 अक्तूबर की आधी रात को मारा था तो वार्डन को उसके मुंह से खून निकलता क्यों नहीं दिखाई दिया। जबकि आधी रात को घटना के बाद वार्डन ने सभी पक्षों को हॉस्टल में बैठक के लिए बुलाया था। दो घंटे बैठक चली थी जिसमें छात्रसंघ अध्यक्ष भी मौजूद थे। ऐसे में घटना के आठ दिन के बाद तीन छात्रों पर नजीब अहमद को मारने का आरोप गलत है।