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MCI से नहीं बचेंगे मेडिकल कॉलेजों के 'घोस्ट', ढूढ़ निकाला पकड़ने का तरीका

Mon, 24 Oct 2016 03:43 PM IST
संदीप थपलियाल/अमर उजाला, श्रीनगर
संदीप थपलियाल/अमर उजाला, श्रीनगर Updated Mon, 24 Oct 2016 03:43 PM IST
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Doctors Tracking System in medical colleges
Srinagar Medical College - फोटो : file photo

मेडिकल कॉलेजों में घोस्ट फैकल्टी पर लगाम लगाने, फर्जी तरीके से डिग्री हासिल करने वाले चिकित्सकों को पकडऩे और पारदर्शिता लाने के लिए एमसीआई (भारतीय आयुर्विज्ञान परिषद) डॉक्टर्स ट्रेैकिंग सिस्टम (चिकित्सक पहचान प्रणाली) पर कार्य कर रही है।

Doctors Tracking System in medical colleges
Srinagar Medical College - फोटो : AmarUjala

एमसीआई ने इसके लिए समस्त मेडिकल कॉलेजों को ऑन लाइन बायोमेट्रिक हाजिरी लगाने के निर्देश दिए हैं। हाजिरी व्यवस्था ऑन लाइन होने पर एमसीआई पूरे देश में स्थित मेडिकल कॉलेजों के संकाय सदस्यों/चिकित्सकों की वास्तविक उपस्थिति पर नजर रख सकेगा। इसके घोस्ट फैकल्टी (एक साथ कई मेडिकल कॉलेजों में दर्ज संकाय सदस्य) पर रोक लगेगी।

Doctors Tracking System in medical colleges
Srinagar Medical College - फोटो : file photo

संकाय सदस्यों/चिकित्सकों के बायोमेट्रिक हाजिरी को आधार कार्ड से लिंक कर दिया जाएगा। बाद में प्रत्येक संकाय सदस्य/चिकित्सक को इलेक्ट्रॉनिक रेडियो फ्रीक्वेंसी पहचान पत्र (आईआरएफआईडी) दिया जाएगा। जिससे एमसीआई संकाय सदस्यों के मूवमेंट की जानकारी हासिल कर सकेगी।

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Doctors Tracking System in medical colleges
Prof. CMS Rawat - फोटो : AmarUjala

राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर के प्राचार्य प्रो. सीएमएस रावत ने बताया कि डिजिटल मिशन मोड परियोजना के तहत एमसीआई ने आधार कार्ड लिंक्ड बायोमेट्रिक प्रणाली को अपनाने के निर्देश दिए हैं।

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Doctors Tracking System in medical colleges
Srinagar Medical College - फोटो : AmarUjala

इसी के तहत कॉलेज और अस्पताल में बायोमेट्रिक हाजिरी ली जा रही है। फिलहाल इसका ट्रायल चल रहा है। उन्होंने बताया कि एमसीआई डाटा बेस तैयार कर रहा है। कॉलेज को किसी नए संकाय सदस्य/चिकित्सक की तैनाती, प्रमोशन और नौकरी छोडऩे की ऑन लाइन जानकारी देने के लिए कहा गया है। 

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