उत्तराखंड के चमोली में भारी बारिश से ऋषि गंगा का जल स्तर बढ़ने से रैणी गांव में भी मंगलवार को ग्रामीणों के बीच अफरातफरी मची रही। लोग घरों से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थानों पर चले गए। 7 फरवरी को ऋषि गंगा की त्रासदी के बाद से लोग दहशत में हैं। मंगलवार को क्षेत्र में दोपहर बाद से तेज बारिश हो रही थी।
उत्तराखंड: भारी बारिश से फिर बढ़ा ऋषिगंगा का जलस्तर, दहशत में घरों को छोड़ जंगल की ओर भागे ग्रामीण, तस्वीरें...
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बता दें कि मंगलवार शाम को घाट ब्लाक में एक साथ तीन जगहों पर बादल फटने से भारी तबाही मच गई। कई मकान, दुकानें और वाहन मलबे में दब गए हैं। सूचना पर एसडीआरएफ, पुलिस टीम और तहसील की आपदा प्रबंधन की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू कर करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद तीनों लोगों को सुरक्षित निकाल लिया।
घाट-बांजबगड़, घाट-भेंटी और घाट-उस्तोली सड़कों पर टनों मलबा भर जाने से यहां आवाजाही बाधित हो गई है। वहीं, भारी बारिश के चलते बरसाती गदेरे भी उफान पर बह रहे हैं, जिससे चुफलागाड नदी का जल स्तर बढ़ गया है।
तहसीलदार राकेश देवली ने बताया कि बिनसर पहाड़ी की तलहटी में तीन जगहों पर बादल फटने की घटना हुई है। एसडीआरएफ, पुलिस टीम और तहसील की आपदा प्रबंधन की टीम रेस्क्यू में लगी है। दुकानों और वाहनों को नुकसान हुआ है।
मलबे से घाट-नंदप्रयाग सड़क भी पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई है। सड़क पर टनों मलबा पसरा हुआ है। शाम करीब साढ़े पांच बजे मलबा आने से सड़क अवरुद्घ हो गई थी। जिला प्रशासन की ओर से सड़क को खोलने के लिए जेसीबी मशीन भेजने की बात कही गई, लेकिन रात आठ बजे तक भी मशीन मौके पर नहीं पहुंची, जिसे देख स्थानीय लोग ही मलबा हटाने में जुट गए।