चमोली जिले की ऋषिगंगा और धौलीगंगा में आई आपदा में उत्तर प्रदेश के भी कई लोग लापता हैं। ग्लेशियर फटने के बाद कट गए गांवों में फंसे प्रवासी श्रमिक जल्द ही घर लौटने की उम्मीद कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश के अमरोहा के कामिंदर ने बताया कि जब यह आपदा आई वह टोलमा गांव में काम कर रहे थे। कुछ समय तक कनेक्टिविटी न होने के कारण परिवार से संपर्क नहीं किया जा सका। अभी हाल ही में परिवार से बात हुई। जिसके बाद अब उनके परिवार जन राहत महसूस कर रहे हैं।
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अमरोहा के महिपाल
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अमरोहा के महिपाल ने बताया कि मोबाइल नेटवर्क कवरेज नहीं होने के कारण शुरू में परिवार से कोई संपर्क नहीं था। लेकिन बाद में उनके बात हो गई अब जल्द ही घर लौटने की उम्मीद है।
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जल्द ही घर लौटने की उम्मीद
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लापता लोगों के लिए चलाए जा रहे बचाव एवं राहत कार्य पर नजर रखने के लिए यूपी सरकार ने अपने तीन मंत्रियों को यहां भेजा है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री से मुलाकात करने के बाद तीनों मंत्री गन्ना मंत्री सुरेश राणा, बाढ़ एवं राजस्व मंत्री विजय कश्यप और आयुष मंत्री धर्मसिंह सैनी हरिद्वार में हैं।
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अगले कई दिन यहीं रुकेंगे तीनों मंत्री
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लापता लोगों के परिजनों को जानकारी देने के लिए यहां कंट्रोल रूम खोला गया है। तीनों मंत्रियों ने बताया कि अगले कई दिन वह लोग यहीं रुकेंगे। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार ने त्रासदी में मारे गए लोगों के लिए दो-दो लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की है।
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70 लोग अभी भी लापता
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उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों के 70 लोग अभी भी लापता हैं। बुधवार की दोपहर 11 बजे तक 93 लोगों के गुम होने की सूचना मिली थी। जिसमें से दो की मौत की पुष्टि हुई है। वहीं 21 लोग सुरक्षित मिले हैं। चमोली में आई आपदा में यूपी के अवधेश सिंह (21) निवासी थाना सिंघाई लखीमपुर खीरी और अजय शर्मा (32) निवासी खैर अलीगढ़ की मौत हुई है। उनका पोस्टमार्टम कराने के लिए उनके शवों को घरों के लिए रवाना करवा दिया गया है।