उत्तराखंड के चमोली में तपोवन सुरंग से जैसे ही मलबे से शवों का निकलना शुरू हुआ तो सुरंग में फंसे लोगों के परिजन भी शवगृह के समीप पहुंचने लगे। परियोजना गेट के समीप ही प्रशासन ने दो शवगृह बनाए हैं। यहां रैणी गांव और सुरंग से बरामद किए जा रहे शवों को रखा जा रहा है। सुरंग से रविवार को छह शव मिले हैं। वहीं, 29 लोगों की तलाश अभी भी जारी है।
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तपोवन में शवगृह के बाहर परिजन
- फोटो : अमर उजाला
रविवार को जब सूचना फैली कि सुरंग में मलबे से शव मिले हैं तो लापता लोगों के परिजनों का शवगृह के बाहर जमावड़ा लगना शुरू हो गया। कल तक परिजन सुरंग में फंसे अपने लोगों के जिंदा होने की उम्मीद लगाए बैठे थे, लेकिन सुरंग से शवों के मिलने के बाद उनकी उम्मीद भी टूटती दिखी।
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शवगृह में परिजन
- फोटो : अमर उजाला
लोग शवों की पहचान करने दौड़ रहे थे और शव किसी अन्य का होने पर फिर मायूस होकर सुरंग की ओर नजरे गढ़ाए रहे। भूखे-प्यासे परिजन दिनभर शवगृह से सुरंग के आसपास घूमते रहे। वहीं, ऋषि गंगा जल विद्युत परियोजना में लापता लोगों के परिजन भी अपनों की तलाश में रैणी गांव में भटक रहे हैं।
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शवगृह के बाहर परिजन
- फोटो : अमर उजाला
नगर पालिका जोशीमठ, थाना जोशीमठ और अन्य राजस्व पुलिस की टीम शवों की शिनाख्त में जुटी है। मलबे में दबे शवों के कपड़ों के आधार पर शिनाख्त की जा रही है। इसके साथ ही यदि जेब में मोबाइल फोन मिल रहा है तो, उसका सिम निकालकर परिजनों से बात की जा रही है।
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तपोवन में शवों को ले जाती एंबुलेंस
- फोटो : अमर उजाला
जेब में पर्स में मौजूद पहचानपत्र के आधार पर भी परिजनों को सूचित किया जा रहा है। जिन शवों से कोई पहचान बरामद नहीं हो रही है, उस स्थिति में ठेकेदार व उनके साथ काम करने वाले लोगों से शवों की पहचान करवाई जा रही है।