प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली में जुटी युवाओं की एक भीड़ ऐसी रही, जिसे न भाषण से कोई मतलब रहा और न मुद्दों पर ध्यान, आगे की कुर्सियों पर बैठे ऐसे हजारों युवा पूरे भाषण के दौरान सिर्फ मोदी-मोदी का शोर मचाते रहे।
तस्वीरें: न भाषण सुना न मुद्दों पर ध्यान, सिर्फ मोदी-मोदी से गूंजा मैदान
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भाषण खत्म होते ही मोदी को करीब से देखने के लिए युवा समर्थक बैरिकेडिंग को तोड़कर आगे जा पहुंचे। इससे पहले रैली के दौरान युवाओं को काबू करने में पुलिस के पसीने छूटते रहे।
रैली में पहुंचे युवाओं में सबसे आगे पहुंचने की होड़ मची रही। कुर्सियां भरने के बावजूद नौजवान कार्यकर्ता व समर्थक बैरिकेडिंग से निकलकर आगे बढ़ते रहे।
केंद्रीय मंत्रियों और नेताओं के भाषणों के दौरान बेसब्री से मोदी का इंतजार होता रहा। शोर सुनाई देने पर लोग आसमान की तरफ देखते कि कहीं पीएम मोदी का हेलीकाप्टर तो नहीं आया। करीब ढाई बजे तीन हेलीकाप्टर भेल की तरफ जाने के बाद यह लगने लगा कि मोदी किसी भी पल रैली में पहुंच सकते हैं।
तब युवाओं का उत्साह चरम पर पहुंच गया। करीब 02:45 मिनट पर जैसे ही मोदी का काफिला ऋषिकुल पुल की तरफ से आकर रुका, रैली में उमड़ा सैलाब मोदी-मोदी का शोर करते हुए अपनी अपनी जगहों से खड़ा हो गया।
मंच पर आने के बाद मोदी ने हाथ हिलाकर अभिवादन स्वीकार किया तो युवाओं में इतना जोश भर आया कि बैरिकेडिंग तोड़कर आगे जाने के लिए बेताब हो गए। इसके बाद तो करीब 45 मिनट तक भाषण चलता रहा और मोदी मोदी का शोर गूंजता रहा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली में उमड़े जनसैलाब से सड़कें और मैदान छोटा पड़ गया। ऋषिकुल मैदान में प्रधानमंत्री को सुनने को सुबह 11 बजे से ही भीड़ जुटनी लगी।
कुर्सी न मिलने पर जनता खाली मैदान में खचाखच भर गई। जब मैदान भर गया तो लोग बाहर सड़कों पर रुक गए और जैसे ही नरेंद्र मोदी मंच पर पहुंचे तो बाहर खड़े लोग भी अंदर जाने को बेताब हो गए।