फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Mulayam Singh Yadav: उत्तराखंड और गैरसैंण राजधानी को सबसे पहले मुलायम ने बढ़ाए थे कदम, जानें ये खास बातें

Tue, 11 Oct 2022 09:16 AM IST
रेनू सकलानी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Tue, 11 Oct 2022 09:16 AM IST
विज्ञापन
Mulayam Singh Yadav Passed Away Uttarakhand Gairsain Connection Know About His Political Journey
पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

सपा संस्थापक व यूपी के तीन बार मुख्यमंत्री रहे मुलायम सिंह यादव के दामन पर भले ही राज्य आंदोलनकारियों के साथ ज्यादतियों की छींटें हों, लेकिन अलग राज्य उत्तराखंड और गैरसैंण को राजधानी बनाने को लेकर कदम बढ़ाने वाले सबसे पहले नेता भी वही थे। मुलायम सरकार ने ही जहां उत्तराखंड को बर्फिया लाल ज्वांठा के रूप में पहला कैबिनेट मंत्री दिया तो कैबिनेट मंत्री रमाशंकर कौशिक समिति बनाकर अलग राज्य की अवधारणा को आगे बढ़ाया।



1994 में मुलायम सरकार ने पारित कर दिया था विधेयक
सपा के राष्ट्रीय सचिव डॉ. एसएस सचान के मुताबिक, मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने अपने कार्यकाल में चार जनवरी 1994 को कैबिनेट मंत्री रमाशंकर कौशिक समिति का गठन किया। 12 जनवरी को इसकी पहली बैठक लखनऊ में हुई। 30 व 31 जनवरी को दूसरी बैठक कुमाऊं में, सात व आठ फरवरी को तीसरी बैठक पौड़ी में, 17 फरवरी को चौथी बैठक काशीपुर में, 15 मार्च को पांचवीं बैठक लखनऊ में हुई।

सभी सुझावों के आधार पर 30 अप्रैल को समिति ने अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी। दो जून को मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने उत्तराखंड के लिए अतिरिक्त मुख्य सचिव की नियुक्ति की। 24 अगस्त को राज्य निर्माण विधेयक विधानसभा से पारित कराने के बाद सात सितंबर को केंद्र सरकार को भेज दिया था।

Mulayam Singh Yadav Passed Away Uttarakhand Gairsain Connection Know About His Political Journey
पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

कौशिक समिति ने दस माह के भीतर अलग राज्य उत्तराखंड का 13 बिंदुओं का ड्राफ्ट तैयार किया। इसमें पर्वतीय राज्य उत्तराखंड और गैरसैंण राजधानी का जिक्र था। डॉ. सचान के मुताबिक, उत्तराखंड की विषम भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए चकबंदी भू-बंदोबस्त और हिमाचल मॉडल की तर्ज पर उत्तराखंड के निर्माण की कल्पना की गई थी। 

Mulayam Singh Yadav Passed Away Uttarakhand Gairsain Connection Know About His Political Journey
मुलायम सिंह यादव - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

सपा नेता डॉ. सचान के मुताबिक, मुलायम सिंह यादव चाहते थे कि उत्तराखंड के पर्वतीय अंचलों को आरक्षण मिले, जो जाति नहीं बल्कि आर्थिकी के आधार पर हो। इस आरक्षण के आधार पर 27 फीसदी आरक्षण उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में मिलना था। डॉ. सचान के मुुताबिक, जिसका लाभ केंद्रीय सेवाओं में भी दिया जाना प्रस्तावित था, लेकिन आरक्षण के विरोध में उत्तराखंड में कई लोगों ने अपनी आवाज उठाई, जो राज्य आंदोलन के रूप में तब्दील कर दी गई।

विज्ञापन
विज्ञापन
Mulayam Singh Yadav Passed Away Uttarakhand Gairsain Connection Know About His Political Journey
पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव - फोटो : अमर उजाला

भाजपा के विधायक मुन्ना सिंह चौहान 1996 में सपा के विधायक थे। उनका कहना है कि उन्होंने उत्तराखंड पुलिस फायरिंग की घटनाओं को लेकर ‘नेताजी’ से मतभेद के बाद सपा छोड़ दी थी। उन्होंने बताया कि 1994 से पहले, मुलायम सिंह इस पहाड़ी क्षेत्र में व्यापक रूप से लोकप्रिय नेता थे। उन्होंने उत्तराखंड की अवधारणा रखी और गैरसैंण को राज्य की राजधानी के रूप में चिह्नित किया। राज्य की प्रशासनिक आवश्यकताओं के लिए कार्य किया।

ये भी पढ़ें...Mulayam Singh Yadav:  अलग उत्तराखंड राज्य के पक्ष में नहीं थे मुलायम सिंह, उस रात को नहीं भूले आंदोलनकारी

विज्ञापन
Mulayam Singh Yadav Passed Away Uttarakhand Gairsain Connection Know About His Political Journey
मुलायम सिंह यादव - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सूर्यकांत धस्माना ने लंबा समय समाजवादी पार्टी के साथ गुजारा है। उनका कहना है कि यूपी की मुलायम सरकार में लखनऊ अगर यूपी की राजधानी थी तो देहरादून दूसरी अघोषित राजधानी हुआ करती थी। उन्होंने बताया कि विशेष रूप से देहरादून नेताजी का पसंदीदा शहर था। वह अक्सर दून में एक घर बनाना चाहते थे, जो सपना पूरा नहीं हो सका।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed