कंपकंपा देने वाली ठंड के बीच प्रभावित परिवार होटल के एक कमरे में सर्द रातें काटने के लिए मजबूर हैं। उन्होंने उसी एक कमरे में घर का सामान भी रखा है। कई प्रभावितों ने अपने बच्चों को रिश्तेदारों के यहां भेज दिया है और खुद सामान के साथ यहीं हैं। अपने घरों को छोड़ने का दर्द प्रभावितों के चेहरों पर साफ छलक रहा है। उन्होंने जल्द पुनर्वास की मांग उठाई। नगर पालिका हॉल के राहत शिविर में ठहरे लोगों का कहना है कि यहां इन्हें केवल रात में शरण दी जाती है। दिन में इन्हें इनके दरार वाले घर में ही रहने के लिए भेज दिया जाता है। इसे लेकर लोगों में नाराजगी है। उनका कहना है कि अगर सरकार पहले चेत जाती तो ये नौबत ना आती।
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गुरुद्वारे में रह रही प्रभावित बीना देवी ने अपने दोनों बच्चे रिश्तेदारों के यहां गोपेश्वर भेज दिए हैं जबकि घर का सामान गुरुद्वारे में खुले आसमान के नीचे रखा है। बीना देवी का कहना है कि यह समझ नहीं आ रहा है कि जाएं तो जाएं कहां। अपनी मेहनत की पूंजी मकान बनाने में खर्च कर दी अब मकान रहने लायक नहीं बचा है। ऐसे में भविष्य की चिंता सता रही है।
नगर पालिका के गेस्ट हाउस के एक कमरे में रह रहे देवेंद्र पंवार ने दो बच्चे उनकी नानी के गांव रविग्राम भेज दिए हैं जबकि दोनों पति-पत्नी सामान के साथ जोशीमठ में हैं। देवेंद्र का कहना है कि उनके मकान को माउंट व्यू होटल से खतरा बना है। यह होटल भू-धंसाव से तिरछा हो गया है।
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जोशीमठ में शिफ्ट किए गए प्रभावित
- फोटो : अमर उजाला
मनमोहन सिंह व उनकी पत्नी रजनी देवी ने अपने तीन बच्चे बहन के पास देहरादून भेज दिए हैं। रजनी का कहना है कि होटल के एक कमरे में कितने दिनों तक रहना होगा कुछ पता नहीं है। मकान में इतनी दरारें आ गई हैं कि वह रहने लायक नहीं बचा है। उन्होंने शीघ्र पुनर्वास की मांग उठाई। सिंहधार वार्ड के देवेंद सिंह रावत भी अपने दो बेटों दीपक व विवेक के साथ नगर पालिका के गेस्ट हाउस में शिफ्ट किए गए हैं।
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जोशीमठ में शिफ्ट किए गए प्रभावित
- फोटो : अमर उजाला
उन्होंने जरूरत का सामान होटल में रखा है जबकि अन्य सामान रिश्तेदारों के यहां रख दिया है। देवेंद्र सिंह का कहना है कि यह कभी सोचा भी नहीं था कि ऐसी स्थिति भी आएगी कि परिवार अलग-थलग होगा। उन्होंने प्रशासन से जल्द पुनर्वास करने और असुरक्षित हुए होटलों को ध्वस्त करने की मांग की।
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प्रभावितों के रुकने के लिए मंगाए गए गद्दे
- फोटो : अमर उजाला
जिला प्रशासन ने जोशीमठ में 13 सरकारी भवनों का अधिग्रहण किया है जहां प्रभावितों को शिफ्ट किया जाएगा। संयुक्त मजिस्ट्रेट/उपजिलाधिकारी जोशीमठ डॉ. दीपक सैनी ने बताया कि नगर पालिका जोशीमठ के गेस्ट हाउस के पांच कक्ष व दो हॉल, टूरिस्ट होटल मनोहर बाग के दो हॉल, प्राथमिक विद्यालय सिंहधार का एक कक्ष, बीकेटीसी के नौ कमरे, राजकीय इंटर कॉलेज जोशीमठ व राजीव गांधी अभिनव आवासीय विद्यालय का एक ऑडिटोरियम व आठ कक्ष का अधिग्रहण किया है।
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जोशीमठ में भू-धंसाव के बाद खाली कराए घर
- फोटो : अमर उजाला
वहीं, मनोहर बाग का मिलन केंद्र, जीजीआईसी जोशीमठ के छह कक्ष, जीआईसी बड़ागांव के 14 कक्ष, ब्लॉक कार्यालय हॉल व गेस्ट हाउस का एक कक्ष व एक हॉल, पॉलीटेक्निक तपोवन के आठ कक्ष, स्वर्गीय मोहन प्रसाद थपलियाल औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान के चार कक्ष, संस्कृत महाविद्यालय जोशीमठ के चार कक्ष और काली कमली धर्मशाला के छह कक्ष प्रभावित परिवारों के लिए आरक्षित कर दिए गए हैं।