विश्व प्रसिद्ध हेमकुंड साहिब के कपाट इस बार 10 मई को खुल रहे हैं। इससे पहले सिख रेजीमेंट इंजीनियरिंग कोर के जवान आस्था पथ पर जमी बर्फ को हटाकर रास्ता बनाने में जुटे हैं।
सिख रेजिमेंट के 19 जवानों ने चार किलोमीटर मार्ग से बर्फ को हटाकर मार्ग सुचारु कर दिया है। लेकिन अभी भी दो किलोमीटर हिस्से से बर्फ हटाने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। हेमकुंड साहिब में अभी भी चार से पांच फुट तक बर्फ जमी हुई है। हेमकुंड सरोवर भी पूरी तरह से बर्फ से जमा हुआ है।
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कपाट खुलने से पहले आस्था पथ को पूरी तरह से सुचारु करने का काम किया जा रहा है। बुधवार को कुछ जवान बर्फ को साफ कर हेमकुंड साहिब तक पहुंच गए थे, जबकि कुछ जवान अटलाकुड़ी ग्लेशियर के पास बर्फ काटकर रास्ता बनाने में जुटे हुए हैं।
बर्फ हटाने का काम 418 इंजीनियरिंग कोर के 62 और सिख रेजिमेंट के 19 जवानों द्वारा किया जा रहा है। गुरुद्वारा प्रबंधक सरदार सेवा सिंह ने बताया कि सेना के जवानों ने रविवार से बर्फ हटाने का काम शुरू किया था।
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हेमकुंड साहिब में बर्फ हटाकर रास्ता बनाते जवान
- फोटो : अमर उजाला
गुरुवार तक घांघरिया से चार किलोमीटर तक सेना के जवानों द्वारा बर्फ हटा ली गई है, अब मात्र दो किलोमीटर हिस्से से बर्फ हटाई जानी बाकी है। कुछ जवान हेमकुंड साहिब परिसर के इर्द-गिर्द बर्फ काटकर रास्ता बनाने में जुट गए हैं। मौसम ने साथ दिया तो 25 अप्रैल तक रास्ता सुचारु हो जाएगा।
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हेमकुंड साहिब में जमा सरोवर
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उन्होंने कहा कि पूर्व में हेमकुंड साहिब के कपाट 25 मई को खुलते थे इस बार तीर्थयात्रा 15 दिन पहले शुरू हो रही है, इसलिए हेमकुंड गुरुद्वारा और गोविंदघाट गुरुद्वारा प्रबंधन की ओर से यात्रा की तैयारियां भी शुरू कर दी गई हैं। गोविंदघाट, घांघरिया और हेमकुंड में खाद्यान्न के साथ ही अन्य सभी जरूरी चीजों का भंडारण किया जा रहा है।
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हेमकुंड साहिब
- फोटो : अमर उजाला
वहीं, बर्फबारी के बाद से रुकी नीती घाटी के बर्फानी बाबा की यात्रा भी फिर से शुरू हो गई है। हालांकि एसडीआरएफ ने मलारी से नीती घाटी तक बर्फ हटा दी है लेकिन मलारी हाईवे की स्थिति बर्फबारी के कारण बेहद खतरनाक बनी है।
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हेमकुंड साहिब
- फोटो : अमर उजाला
यहां बर्फ में वाहनों के टायर फिसल रहे हैं। ऐसे में एसडीआरएफ के जवान श्रद्धालुओं के वाहनों की सुरक्षित आवाजाही करवा रहे हैं। सात अप्रैल को बर्फानी बाबा की यात्रा शुरू हुई थी, लेकिन एक दिन बाद आठ अप्रैल को नीती घाटी में बर्फबारी के कारण यात्रा रुक गई थी। चार दिनों तक बर्फ हटाने के बाद सोमवार से दोबारा यात्रा शुरू हो गई है।