हेमकुंड साहिब यात्रा मार्ग पर अटलाकुड़ी में लापता महिला तीर्थयात्री का सोमवार को शव बरामद हो गया। शव करीब 40 फीट नीचे बर्फ के दबा मिला। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जोशीमठ में पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव को ले गए हैं।
ग्लेशियर के खिसकने से कमलजीत कौर के लापता होने के साथ ही उनके पति जसप्रीत सिंह, बेटा और तीन तीर्थयात्री भी बर्फ की चपेट में आ गए थे। उनके चिल्लाने पर समीप ही स्थित नेपाली मजदूर और एसडीआरएफ के जवान मौके पर पहुंचे।
Hemkund Sahib Yatra: ग्लेशियर खिसकने से यात्रा मार्ग बंद, बर्फ में दबा लापता महिला श्रद्धालु का शव बरामद
उन्होंने पांचों तीर्थयात्रियों को बर्फ से बाहर निकालकर सुरक्षित जगह पहुंचाया। कमलजीत कौर बर्फ में दब गई। रात आठ बजे तक बर्फ हटाने का काम हुआ, लेकिन अंधेरा होने के कारण रेस्क्यू अभियान रोक दिया गया था।
2 of 5
हेमकुंड साहिब मार्ग पर ग्लेशियर टूटने के बाद महिला का शव बरामद
- फोटो : अमर उजाला
एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें लापता कमलजीत कौर की ढूंढ खोज में लगे हुए थे। सोमवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे आईटीबीपी, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें घांघरिया से तीन किलोमीटर की दूरी स्थित अटलाकुड़ी ग्लेशियर प्वाइंट के लिए रवाना हुए।
3 of 5
हेमकुंड साहिब मार्ग पर ग्लेशियर खिसकने से लापता महिला की खोज जारी
- फोटो : अमर उजाला
सुबह सात बजे यहां बर्फ हटाने का काम शुरू किया गया और करीब साढ़े सात बजे बर्फ में करीब 40 फीट नीचे कमलजीत कौर का शव दबा मिला। थाना घांघरिया पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सीएचसी जोशीमठ भेजा।
4 of 5
हेमकुंड साहिब मार्ग पर ग्लेशियर टूटा
- फोटो : अमर उजाला
हेमकुंड साहिब पैदल मार्ग पर अटलाकुड़ी ग्लेशियर प्रतिवर्ष यात्रा संचालन में चुनौती बना रहता है। इस वर्ष यहां भारी मात्रा में बर्फबारी हुई। अप्रैल माह से वर्तमान तक यहां रुक-रुककर बर्फबारी हो रही है, जिससे यहां ग्लेशियर में बर्फ की चार परत जमी हुई हैं।
5 of 5
हेमकुंड साहिब में टूटा ग्लेशियर
- फोटो : अमर उजाला
चटख धूप खिलने से बर्फ नीचे की ओर खिसक जाती है। भ्यूंडार गांव निवासी वरिष्ठ अधिवक्ता भवान सिंह चौहान ने बताया कि हेमकुंड साहिब क्षेत्र में पहले भारी बर्फबारी होती थी। अटलाकुड़ी ग्लेशियर को आरपार करना बेहद मुश्किल बना रहता था। यहां हर वर्ष यात्रा में आवाजाही चुनौतीपूर्ण बनीं रहती है। धूप खिलने पर बर्फ नीचे की ओर सिखकने लगती है। ग्लेशियर के सामने रुकना खतरे से खाली नहीं है।