दून विश्वविद्यालय ने फैकल्टी की कमी के कारण इस शैक्षणिक सत्र में छह कोर्सों में एडमिशन की प्रक्रिया बंद कर दी है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने पहली बार ऑनलाइन एडमिशन की प्रक्रिया शुरू की है, जो पांच जुलाई तक चलेगी। 14 जुलाई को प्रवेश परीक्षा आयोजित होगी।
प्रदेश सरकार द्वारा स्थापित दून विश्वविद्यालय में इस शैक्षणिक सत्र से एमए हिंदी, बैचलर ऑफ लाइब्रेरी एंड इनफॉरमेंशन साइंस, मास्टर ऑफ लाइब्रेरी एंड इनफॉरमेंशन साइंस, एमए सोशल वर्क, एमफिल इकॉनोमिक्स, सर्टिफिकेट कोर्स में क्लाउड कंप्यूटिंग में एडमिशन नहीं मिलेगा।
इन कोर्सों को चलाने के लिए विश्वविद्यालय के पास यूजीसी के मानकों के अनुसार फैकल्टी नहीं है। जिस कारण विश्वविद्यालय प्रशासन ने एडमिशन देना बंद कर दिया है। पिछले साल ही इन कोर्सों को शुरू करने की घोषणा की गई थी, लेकिन फैकल्टी उपलब्ध न होने के कारण विश्वविद्यालय ने भी हाथ खड़े कर दिए हैं।
इसके अलावा एमएससी पर्यावरण विभाग, पर्यावरण विभाग तकनीक, पीएचडी पर्यावरण विभाग, बीए आनर्स, एमए मीडिया एवं कम्युनिकेशन स्टडीज, एमबीए, बीबीए, पीएचडी मैनेजमेंट, बीएससी आनर्स, एमए अर्थशास्त्र, अंग्रेजी, विदेशी भाषा में बीए, एमए, एमसीए, बीएससी आनर्स, एमएसी गणित, एमएससी भौतिक विज्ञान, पीएचडी भौतिक विभाग, बैचलर आफ डिजाइन आदि कोर्सों में छात्र दाखिल ले सकते हैं।
दून विश्वविद्यालय वीसी प्रो. वीके जैन ने बताया कि फैकल्टी उपलब्ध होने के बाद इन कोर्सों को फिर से शुरू किया जाएगा। विश्वविद्यालय में साइंस के विद्यार्थियों की संख्या बढ़ रही है। इस साल ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया शुरू करने पर एडमिशन को लेकर अच्छा रिस्पांस आ रहा है। जिससे विद्यार्थियों की संख्या दो हजार तक पहुंच जाएगी।