देश के सभी इंजीनियरिंग संस्थानों में दाखिले को लेकर अब नया नियम जारी हुआ है। ध्यान नहीं देंगे तो आपको पछताना पड़ सकता है।
इंजीनियरिंग कॉलेज में दाखिले के लिए जारी हुआ नया नियम, एडमिशन लेने वाले अभ्यर्थी ध्यान से पढ़ लें
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इंजीनियरिंग संस्थानों में दाखिले को होने जा रही संयुक्त काउंसिलिंग में अगर अभ्यर्थी ने सीट छोड़ी तो सीधे काउंसिलिंग से बाहर हो जाएंगे। रविवार को जेईई एडवांस का रिजल्ट आने के बाद अब 15 जून से जेईई मेन और जेईई एडवांस स्कोर के आधार पर ज्वाइंट सीट अलोकेशन अथॉरिटी (जोसा) की ओर से संयुक्त काउंसिलिंग शुरू की जाएगी। इसके तहत आईआईटी, आईएसएम धनबाद, एनआईटी, ट्रिपल आईटी, जीएफआईटी में दाखिले किए जाएंगे।
जोसा ने संयुक्त काउंसिलिंग के नियम जारी कर दिए हैं। इसके तहत अभ्यर्थियों को सीट अलॉट होने के बाद फीस जमा करानी होगी। यह फीस बाद में एडमिशन फीस में एडजस्ट कर ली जाएगी। 15 जून से च्वाइस भरने वालों को प्रोविजनल सीट अलॉटमेंट लेटर मिलेगा। इस लेटर को डाउनलोड करने के बाद अभ्यर्थी को शुल्क जमा कराना होगा। शुल्क जमा कराने के बाद अगर अभ्यर्थी रिपोर्टिंग सेंटर पर उपस्थित हो गया तो उसका यह शुल्क वापस नहीं होगा।
लेकिन सीट मिलने के बाद अगर वह रिपोर्टिंग सेंटर पर नहीं गया तो शुल्क लौटा दिया जाएगा। जोसा ने एनआईटी के 38 और आईआईटी के लिए 17 रिपोर्टिंग सेंटर देशभर में बनाए हैं। अभ्यर्थी को सीट अलॉट होने के बाद इन रिपोर्टिंग सेंटर पर जाकर अपने प्रमाण पत्र जमा कराने होंगे। यह भी नियम तय किया गया है कि अगर किसी अभ्यर्थी ने सीट मिलने के बाद उसे रिजेक्ट कर दिया तो वह काउंसिलिंग की पूरी प्रक्रिया से बाहर हो जाएगा। काउंसिलिंग में बने रहने के लिए अभ्यर्थी को फ्री, फ्लॉट और स्लाइड का विकल्प दिया गया है। फ्रीज के तहत अभ्यर्थी किसी संस्थान में कोई सीट अलॉट होने के बाद उसे फ्रीज कर सकता है। इसके बाद अन्य चरणों की काउंसिलिंग में शामिल होने का मौका नहीं मिलेगा।
फ्लॉट के तहत अभ्यर्थी सीट स्वीकार करने के बाद यह सुविधा मिलेगी कि वह अच्छी सीट मिलने पर इस सीट को छोड़ दे। अगर अच्छी सीट न मिली तो इस सीट पर ही दाखिला लेगा। इस विकल्प को चुनने वालों को आगे के चरणों की इंजीनियरिंग काउंसिलिंग में शामिल होने का मौका मिलेगा। स्लाइड के तहत अगर कोई अभ्यर्थी किसी संस्थान में सीट पा लेता है तो वह उसे स्लाइड कर सकता है। यानी उसी संस्थान में इस सीट से बेहतर सीट मिलने पर स्लाइड का लाभ मिलेगा। अगर बेहतर सीट न मिली तो उसी सीट पर कायम रहना होगा। इस विकल्प को चुनने वाले अभ्यर्थियों को भी आगामी राउंड की काउंसिलिंग में शामिल होने का मौका मिलेगा।