कर्णप्रयाग में बंद सड़कें और क्षतिग्रस्त रास्ते लोगों की जान पर भारी पड़ रहे हैं। मंगलवार रात को एक महिला की अचानक तबियत खराब हो गई तो महिला को कुर्सी पर बैठाया और उफनते नालों और क्षतिग्रस्त रास्तों से होकर आठ किमी पैदल चलकर सीएचसी थराली पहुंचाया। प्रशासन और विभाग 38 दिनों बाद भी कुलिंग से वाण गांव की सड़क नहीं खोल पाया है।
उत्तराखंड: पहाड़ों में जान पर भारी पड़ रहे बंद रास्ते, तस्वीरें देखेंगे तो सूख जाएगा गला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कर्णप्रयाग/देवाल
Updated Wed, 22 Aug 2018 09:58 PM IST
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