पद्मभूषण अनिल प्रकाश जोशी ने आज 14 फरवरी के दिन राजधानी देहरादून के गांधी पार्क से एक बड़ा संदेश दिया। उनके आह्वान पर यहां कई लोग जुटे। इस दौरान उन्होंने कहा कि आज 14 फरवरी बसंत पचंमी को प्रकृति पर्व के रुप में मना लेना भी हमारा दायित्व है। ये वो समय है जब सब कुछ बदलता है। और प्रकृति का व्यवहार भी बदलता है। कहा कि ये घटनाक्रम ही है कि आज वेलेंटाइन्स डे भी है।
ये प्रेम का पर्व है.. तो प्रकृति से प्रेम करने का ये पर्व हमारे लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि सब कुछ आज प्रकृति की देन है। हम इसे इस संदर्भ में देखें कि आज हम जो कुछ भी मना रहे हैं वो इस प्रकृति की ही देन है। इसलिए प्रकृति को प्रणाम करें।
अनिल प्रकाश जोशी एक पर्यावरणविद्, हरित कार्यकर्ता और हिमालयन पर्यावरण अध्ययन और संरक्षण संगठन (हैस्को) के संस्थापक हैं। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय नेचर नेटवर्क देश भर में प्रकृति पर्व को एक उत्सव के रूप में मनाने के लिए व लोगों का प्रकृति के उपकारों के प्रति और इसे प्रणाम करने के लिए एक प्रयास है।
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पद्मभूषण अनिल प्रकाश जोशी
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देश में विभिन्न राज्यों में इसको पर्व के रूप में मनाया गया। वह प्रकृति के उपकारों पर चिंतन मंथन व इसके संरक्षण के लिए पहल करने का एक प्रयास है।
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गांधी पार्क में जुटे लोग
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बसंत पंचमी के इस अवसर पर प्रकृति के उपकारों को याद करने के लिए देशभर में महिला संगठनों, विश्वविद्यालयों, स्कूलों, बच्चों, युवाओं और महिलाओं ने विभिन्न रूप से मनाया।
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डॉ किरन ( हैस्को)
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ख़ासतौर से बिहार, झारखंड, मध्यप्रदेश व राजस्थान में लोगों ने अपने-अपने तरीक़े से प्रकृति दिवस मनाया। इसी कड़ी में उत्तराखंड, देहरादून के गांधी पार्क में सभी प्रकृति प्रेमियों ने एक दूसरे से गले मिल व तिलक लगाकर सामूहिक रूप से प्रकृति दिवस को मनाया। साथ ही बसंत पंचमी को प्रकृति के पर्व के रूप में भी समझने समझाने के लिए सामूहिक दायित्वों व प्रयत्नों पर चर्चा की।
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डॉ हिमानी (हैस्को)
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लोगों को प्रकृति से जोड़ने के लिए सब की भागीदारी सुनिश्चित करने पर ज़ोर दिया गया। इस दौरान डॉ अनिल प्रकाश जोशी ने कहा कि अब समय है कि हमें प्रकृति को प्रणाम करना चाहिए। आज तक हमने लगातार प्रकृति को नकारा है। अब ये बसंत पंचमी का अवसर है जहां हम देशभर में ये आह्वान कर सकते हैं कि प्रकृति के लिए भी हमे उतना ही गंभीर होना चाहिए जितना कि हम अपनी आवश्यकताओं व अन्य प्राथमिकताओं के प्रति गंभीर होते हैं।