बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग शनिवार को खचड़ा नाला और लामबगड़ नाले में करीब 10 घंटे तक बाधित रहा। लामबगड़ नाले में हाईवे का करीब 20 मीटर हिस्सा बह गया है। यहां सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की ओर से वाहनों की आवाजाही के लिए सड़क की वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। हालांकि अभी भी नाले में पानी अधिक होने के कारण छोटे वाहन फंसे हैं।
Badrinath Highway: दरका मुसीबतों का पहाड़, लामबगड़ में 20 मीटर हिस्सा बहा, दस घंटे फंसे रहे यात्री, तस्वीरें
बीआरओ की ओर से सुबह सात बजे बारिश धीमी होने पर जेसीबी से हाईवे को खोलने का काम शुरू किया गया। बोल्डरों को अलकनंदा साइड निस्तारित किया। जिसके बाद पानी की निकासी की गई। अपराह्न करीब तीन बजे यहां वाहनों की आवाजाही शुरू हो पाई। छोटे वाहनों के पत्थरों में फंसने के कारण तीर्थयात्रियों को कुछ दूरी तक पैदल आवाजाही करनी पड़ी। खचड़ा नाले में भी तीन बजे तक ही हाईवे सुचारू हो पाया। छिनका में भी अपराह्न दो बजे हाईवे पर मलबा आने से करीब एक घंटे तक वाहनों की आवाजाही रुकी रही।
देश में अभी भी 10 स्टेट हाईवे सहित 213 सड़कें बंद हैं। लोनिवि के प्रमुख अभियंता दीपक यादव ने बताया कि पुलों और सड़कों को पूर्ववत स्थिति में लाने के लिए अनुमानित 30522.60 लाख रुपये खर्च करने होंगे। अभी जिलों को 208.17 लाख रुपये जारी कर दिए गए हैं। मानसून सीजन शुरू होने के बाद से 56 पुलों को भी नुकसान पहुंचा है।
जारी बारिश के बीच गंगोत्री और यमुनोत्री हाईवे के बंद और खुलने का सिलसिला जारी है। यमुनोत्री हाईवे ओजरी-डाबरकोट में मलबा आने के कारण करीब 6 घंटे रहा बंद। जिसे एनएच की मशीनरी ने आवाजाही के लिए खोला। तो वहीं गंगोत्री हाईवे भी धरासू के समीप करीब चार घंटे बंद रहा। जिसे बीआरओ ने आवाजाही के लिए सुचारू करवाया। जनपद में शनिवार सुबह से ही रूक-रूक बारिश जारी है। जिस कारण गंगोत्री और यमुनोत्री हाईवे पर कई स्थानों पर बंद और खुलने का सिलसिला जारी है। हाईवे की स्थिति के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों को मार्ग खुलने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। यमुनोत्री हाईवे शनिवार सुबह ओजरी-डाबरकोट,खरादी सहित दोपहर में पालीगाड़ और तलोग में मलबा आने के कारण बंद रहा। जिसे एनएच विभाग ने अलग-अलग समय पर आवाजाही के लिए सुचारू करवाया। वहीं गंगोत्री हाईवे धरासू सहित सुनगर के समीप बंद रहा। जिसे बीआरओ की मशीनरी ने भी कड़ी मशक्कत के बाद आवाजाही के लिए सुचारू करवाया।