योग गरु बाबा रामदेव ने पहली बार अपनी मां को लेकर अपना दर्द बयां किया। इसके अलावा उन्होंने और भी कई राज खोले।
पहली बार अपनी मां को लेकर बाबा रामदेव ने बयां किया अपना दर्द, खोले कई राज
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उनका असली नाम रामकिशन यादव है। उन्हें महज आठ साल की उम्र में आधे शरीर में पैरालिसिस का अटैक आ गया था। इसके बाद बाबा रामदेव बिस्तर से उठ नहीं सकते थे। आज भी उनकी एक आंख पर उस अटैक का असर दिखता है।
कहा कि मैं अनपढ़ माता-पिता के बेटे हूं, और पैदल चलकर सरकारी स्कूल में पढ़ने जाते था। स्वामी रामदेव ने कहा, जीते जी अपनी कहानियों को दिखाना एक और संघर्ष को बुलावा देना है लेकिन वह इसके लिए तैयार हूं। बताया कि उनकी मां और परिवार उनके साथ अच्छा व्यवहार नहीं करता था। उन्हें घर का कोई सुख नहीं मिला। लेकिन योग ने उनकी जिंदगी बदल दी।
बाबा रामदेव ने अपने जीवन के 50 वर्षों का हवाला देते हुए एक मास्टर प्लान तैयार किया है। इसके तहत वह देश के करीब एक करोड़ बच्चों को निशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराकर उन्हें रोजगार के योग्य बनाएंगे। बुधवार को दिल्ली में अपने जीवन पर आधारित टीवी धारावाहिक ‘रामदेव-एक संघर्ष’ का प्रचार करने पहुंचे बाबा रामदेव ने मास्टर प्लान की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि 12 फरवरी को डिस्कवरी जीत टीवी चैनल पर प्रसारित होने वाला यह धारावाहिक सच्ची घटना पर आधारित है। 10 फरवरी को दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम में इसकी स्क्रीनिंग की जाएगी, जिसमें वित्त मंत्री अरुण जेटली, गृहमंत्री राजनाथ सिंह सहित करीब 10 हजार लोग मौजूद होंगे। बाबा रामदेव ने बताया कि बचपन से ही उनका जीवन त्याग, संघर्ष, गंभीर घटनाओं के बीच व्यतीत हुआ है। जन मानस के सरोकार के लिए यह धारावाहिक बनाया है। इसमें उनके जीवन से जुड़ी तमाम सच्ची घटनाओं को दिखाया जाएगा।