आईपीएल नीलामी हर साल नए रिकॉर्ड बनाती है और खिलाड़ी कीमतों का ग्राफ लगातार ऊपर जाता रहा है। ऋषभ पंत को 2025 में 27 करोड़ रुपये मिलने के बाद अब सवाल उठ रहा है कि क्या IPL 2026 में 30 करोड़ का आंकड़ा टूटेगा? इस सवाल का जवाब ढूंढने के लिए यह जरूरी है कि हम देखें कि 2008 से अब तक हर साल कौन सबसे महंगा खिलाड़ी रहा है और कीमतें कैसे बढ़ती गईं।
सत्र-वार नीलामी में सबसे महंगी खरीद पर एक नजर डालते हैं-
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महेंद्र सिंह धोनी
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2008: एमएस धोनी (CSK), 9.5 करोड़
पहला सीजन और पहली बड़ी बोली। धोनी को चेन्नई सुपर किंग्स ने 9.5 करोड़ में खरीदकर संकेत दे दिया था कि फ्रेंचाइजी नए युग में बड़े नामों पर बड़ा दांव लगाएगी। तभी से आईपीएल में मार्की खिलाड़ियों की नीलामी की परंपरा शुरू हुई। हालांकि, धोनी इसके बाद कभी नीलामी में नहीं उतरे। वह हर बार रिटेन ही हुए।
2009: केविन पीटरसन (RCB), एंड्रयू फ्लिंटॉफ (CSK), 9.8 करोड़
दूसरे सीजन में इंग्लिश सुपरस्टार्स पर पैसा बारिश की तरह बहा। दिग्गज केविन पीटरसन और फ्लिंटॉफ दोनों 9.8-9.8 करोड़ में बिके, जो शुरुआती दौर में एक बड़ी रकम मानी जाती थी। पीटरसन को जहां चौके-छक्के लगाने में महारत हासिल थी, वहीं फ्लिंटॉप तब दुनिया के सबसे बेहतरीन ऑलराउंडर्स में शुमार थे।
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पोलार्ड और हार्दिक
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2010: शेन बॉन्ड (KKR), कीरोन पोलार्ड (MI), 4.8 करोड़
इस साल पर्स लिमिट कम होने के कारण बोली अपेक्षाकृत कम रही, लेकिन बॉन्ड और पॉलार्ड दोनों अपनी टीमों के लिए गेम-चेंजर साबित हुए। पोलार्ड की तूफानी पारियों ने मुंबई को फाइनल में पहुंचाया था, लेकिन टीम हार गई थी।
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गौतम गंभीर
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2011: गौतम गंभीर (KKR), 14.9 करोड़
आईपीएल इतिहास का पहला बड़ा ब्रेकथ्रू। गंभीर 14.9 करोड़ में बिके और बाद में उन्होंने कोलकाता नाइट राइडर्स को दो बार खिताब भी दिलाया। यह नीलामी आईपीएल में कीमतों के नए युग की शुरुआत मानी जाती है। पहली बार 10 करोड़ का आंकड़ा पार हुआ था।