एशिया कप में आज टीम इंडिया और पाकिस्तान के बीच वो हाई-वोल्टेज मुकाबला खेला जाना है, जिसका इंतजार दोनों मुल्कों के क्रिकेट फैंस काफी लंबे समय से कर रहे है। इसी दौरान टीम इंडिया की दिग्गज स्पिन गेंदबाज हरभजन सिंह ने भारत-पाक के बीच खेले गए टी-20 विश्व कप फाइनल (2007) के बारे में जिक्र करते हुए कुछ खास बातों पर चर्चा की।
बता दें कि टी-20 विश्व कप फाइनल में टीम इंडिया ऐसे वक्त में हार के मुंह से जीत छीन लाई थी, जब सभी फैंस यह मान चुके थे कि पहले टी-20 विश्व कप का विजेता पाकिस्तान ही होगा। कप्तान धोनी ने मैच के आखिरी ओवर में मिडियम फास्ट बॉलर जोगिंदर शर्मा पर भरोसा दिखाया था। इस ओवर में पाक को जीत के लिए 6 गेंदों पर महज 13 रन की दरकार थी।
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International Cricketer and DSP Joginder Sharma
जोगिंदर शर्मा इतने घबराए हुए थे कि उन्होंने ओवर की पहली ही गेंद वाइड फेंक दी। इसके बाद कप्तान धोनी से बातचीत के बाद उन्होंने ओवर की पहली लीगल डिलीवरी पर कोई रन नहीं दिया। हालांकि दूसरी ही गेंद पर पाक कप्तान मिसबाह उल हक ने छक्का जड़ दिया। अब पाक को जीत के लिए चार गेंदों पर छह रन चाहिए थे।
ओवर की तीसरी गेंद पर मिसबाह जल्दबाजी में विकेटकीपर कप्तान धोनी के सिर के ऊपर से स्कूप शॉट खेल बैठे और गेंद सीधे श्रीसंत के हाथ में चली गई। इसी के साथ भारत ने पहले टी-20 विश्व कप में जीद दर्ज कर इतिहास रच दिया। हालांकि एक शो में जब हरभजन से पूछा गया कि यदि श्रीसंत वो कैच छोड़ देते तो क्या होता।
इस पर भज्जी ने कहा, 'यह संयोग था कि मिसबाह उस दिन अपना फेवरेट शॉट खेलने से जरा चूक गए थे। खास बात यह है कि उस दिन श्रीसंत ने भी आखिरी समय में गजब का प्रदर्शन किया, जैसा कि आमतौर पर वो नहीं करते।' बातचीत के दौरान भज्जी ने इशारा किया कि पहले आईपीएल में मैदान पर हमारे बीच जो हुआ, अगर वो कैच छोड़ते तो उसी दिन हो सकता था।