सचिन तेंदुलकर और वसीम अकरम दो महान क्रिकेटर्स मैदान पर कई यादगार भिड़ंत में शामिल रहे हैं। जहां तेंदुलकर ने 100 अंतर्राष्ट्रीय शतक और 200 टेस्ट खेलने वाले एकमात्र खिलाड़ी बनकर संन्यास लिया तो वहीं अकरम विश्व के उन दो खिलाड़ियों में शामिल हैं, जिन्होंने 500 विकेट चटकाए। तेंदुलकर और अकरम अब एक-दूसरे की काफी इज्जत करते हैं, लेकिन एक समय ऐसा भी था जब 'स्विंग के सुल्तान' ने 'क्रिकेट के भगवान' का मजाक बनाया गया था।
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सचिन तेंदुलकर और वसीम अकरम
जी हां, सचिन तेंदुलकर तब सिर्फ 16 साल के थे और वह 1989 में अपना पहला अंतर्राष्ट्रीय दौरा पाकिस्तान में गए थे। तब तक वसीम अकरम अपने आप को विश्व क्रिकेट के सबसे सफल तेज गेंदबाजों में स्थापित कर चुके थे। अकरम ने पाकिस्तान के लिए 1984 से क्रिकेट खेलना शुरू किया था। बहरहाल, पाकिस्तान ने उस समय तेंदुलकर के बारे में सुन रखा था। उन्हें पता चल चुका था कि एक युवा प्रतिभा विश्व जगत के सामने आने के लिए पूरी तरह तैयार है।
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सचिन तेंदुलकर और वसीम अकरम
मुंबई के लड़के पर भी जबरदस्त दबाव था क्योंकि वह विश्व के सर्वश्रेष्ठ तेज गेंदबाजी आक्रमण के सामने अपना पहला मैच खेलने वाला था। मगर उन्होंने इमरान खान, वसीम अकरम और वकार यूनिस के सामने अपनी नब्ज को नियंत्रित रखा। तेंदुलकर को सिर्फ तेज गेंदबाजी का ही सामना नहीं करना था। पाकिस्तान के खिलाड़ी बल्लेबाज का मखौल उड़ाने के लिए मशहूर थे और तेंदुलकर को अपने पहले ही दौरे पर इसका भी सामना करना था।
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वसीम अकरम और सचिन तेंदुलकर
अकरम ने सलाम क्रिकेट 2018 में खुलासा किया कि जब सचिन तेंदुलकर बल्लेबाजी करने के लिए क्रीज पर आए तो उन्होंने कैसे युवा बल्लेबाज का मजाक बनाया था। महान तेज गेंदबाज ने कहा, 'हमने सचिन के बारे में पढ़ा था कि 16 साल की सनसनी आ रही है। मगर जब वो क्रीज पर आया तो अलग कि 14 साल का लड़का बल्लेबाजी करने आया है। मैंने उससे कहा, 'मम्मी से पूछके आया है?'
यह सुनकर हॉल में बैठे श्रोता हंस-हंस के लोटपोट हो गए। सलाम क्रिकेट में आए 11 दिग्गजों ने ऐसे ही अनसुनी और मजेदार कहानियां बताई। बता दें कि वसीम अकरम के अलावा, सुनील गावस्कर, यूनिस खान, मिस्बाह उल हक, हरभजन सिंह, अब्दुल कादिर, मोहम्मद अजहरुद्दीन, रविचंद्रन अश्विन, हबीबुल बशर, मुथैया मुरलीधरन और मदन लाल इस मौके पर मौजूद हैं।