पाकिस्तान क्रिकेट टीम के ओपनर अहमद शहजाद हाल ही में डोप टेस्ट में फेल हुए। पाक ओपनर पर गांजा पीने का आरोप है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक डोपिंग रोधी कानूनों के उल्लंघन करने पर उन्हें तीन से छह महीने के लिए निलंबित किया जा सकता है। हालांकि, शहजाद के डोप टेस्ट में फेल होने की कोई अधिकारिक पुष्टि नहीं की है। मगर वहां के स्थानिय अखबारों ने उनके नाम का खुलासा कर दिया है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने ट्विटर पर इस खबर की पुष्टि की, लेकिन उन्होंनें खिलाड़ी का नाम नहीं बताया।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक गांजे का सेवन करने के कारण ही वह डोप टेस्ट में पास नहीं हो सके हैं। इससे पहले पाकिस्तान के रजा हसन पहले ही डोप टेस्ट मामले में दो साल का प्रतिबंध झेल चुके हैं। इसके अलावा फरवरी 2016 में पाकिस्तान के लेग स्पिनर यासिर शाह और अब्दुर रहमान भी डोप टेस्ट में फेल हुए थे, तब आईसीसी ने उन पर तीन-तीन महीने का प्रतिबंध लगाया था।
सिर्फ शहजाद ही नहीं, बल्कि विश्व के ऐसे कई क्रिकेटर्स हैं जिन्हें नशे के कारण काफी शर्मिंदगी महसूस करना पड़ी। यह कहना भी गलत नहीं होगा कि नशे के कारण इन खिलाड़ियों का करियर बर्बाद हुआ। चलिए गौर करते हैं कि वह क्रिकेटर्स कौन हैं :
डेविड वॉर्नर - ऑस्ट्रेलिया का 2013 में इंग्लैंड दौरा बेहद खराब रहा था। इस खराब दौरे में ऑस्ट्रेलियाई ओपनर वॉर्नर ने नशे में इंग्लैंड के जो रूट को मुक्का मार दिया था। वॉर्नर ने बाद में अपनी गलती स्वीकार ली। हालांकि, बाएं हाथ के बल्लेबाज को इसकी कड़ी सजा मिली और उन्हें चैंपियंस ट्रॉफी के लिए ऑस्ट्रेलियाई टीम से बाहर कर दिया गया।
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युजवेंद्र चहल एंड एंड्र्यू साइमंड्स
एंड्रयू साइमंड्स - एंड्रयू साइमंड्स ऑस्ट्रेलिया के प्रमुख खिलाड़ियों में से एक रहे। उनकी ऑलराउंड क्षमता से विरोधी टीम हमेशा दबाव में दिखी। हालांकि, अच्छा ऑलराउंडर होने के बावजूद उनका करियर विवादों से घिरा रहा। इसका सबसे बड़ा कारण रहा शराब का नशा। साइमंड्स कई बार नशे के कारण ऑस्ट्रेलियाई टीम से बाहर होते रहे। 2009 में साइमंड्स ने टीम मीटिंग छोड़ मछली पकड़ना ठीक समझा। यह वाकया वर्ल्ड टी-20 में न्यूजीलैंड के खिलाफ मिली जीत के बाद का है। इसका खामियाजा साइमंड्स को भुगतना पड़ा। उनका करियर बर्बाद हो गया। ऑस्ट्रेलिया ने उन्हें बीच दौरे से वापस स्वदेश भेजा और फिर वह कभी राष्ट्रीय टीम के लिए नहीं खेल सके। साइमंड्स ने कभी अपनी गलती नहीं स्वीकारी और इसी वजह से उनके करियर पर विराम लग गया। साइमंड्स ने फिर 2011 तक बतौर फ्रीलांस क्रिकेटर खेला और इसके बाद क्रिकेट से संन्यास ले लिया।