भारतीय महिला क्रिकेट टीम के कोच रमेश पोवार और वन-डे कप्तान मिताली राज के विवाद में अब विश्व कप विजेता क्रिकेटर मदन लाल ने अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की है। पूर्व क्रिकेटर मदन लाल ने कहा कि खेल में आपको टीम के लिए कभी कड़े फैसले लेना होते हैं और खिलाड़ियों को इसे निजी नहीं लेना चाहिए। उन्होंने साथ ही कहा कि कोच पोवार भारतीय महिला बल्लेबाज मिताली के दुश्मन नहीं है और खिलाड़ी को अपने खेल पर काम करते हुए टी20 के अनुरूप बल्लेबाजी में सुधार करना चाहिए न कि विवाद में पड़ना चाहिए।
मिताली ने बीसीसीआई को लिखे पत्र में कोच पोवार और प्रशासकों की समिति की सदस्य डायना इडुल्जी पर भेदभाव का आरोप लगाया। वहीं पोवार ने अपने बचाव करते हुए मिताली को स्वार्थी करार दिया। उन्होंने साथ ही कहा कि मिताली ने टीम से ऊपर खुद को रखा और ओपनिंग न मिलने पर बीच टूर्नामेंट में संन्यास लेने की धमकी दी। बीसीसीआई के साथ पोवार का बतौर अंतरिम कोच करार 30 नवंबर 2018 को समाप्त हुआ।
इसी दिन बीसीसीआई ने महिला टीम के कोच के आवेदन के लिए विज्ञापन जारी किया। इससे जाहिर हुआ कि मिताली राज द्वारा आलोचना के बाद पोवार से करार नहीं बढ़ाया जाएगा। याद हो कि मिताली को वर्ल्ड टी20 में इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल मैच में अंतिम एकादश में शामिल नहीं किया गया, जिसमें भारत को 8 विकेट की करारी शिकस्त झेलनी पड़ी।
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mithali raj harmanpreet kaur
इस पर बात करते हुए मदन लाल ने कहा कि बेहतर होगा कि आप आवाज उठाने वाले कोच के बजाय पुतला रख लीजिए। उन्होंने कहा कि टीम हित को ध्यान रखते हुए लगातार कोच बदलना सही नहीं है और इससे खराब संकेत जाते हैं। पूर्व भारतीय कोच मदन लाल का मानना है कि लंबे समय तक कोच के रहने से टीम और खिलाड़ियों के साथ अच्छा काम करने का मौका मिलता है।
1983 विश्व कप विजेता टीम के सदस्य मदन लाल ने कहा, 'अगर आप लगातार कोच हटाओगे तो बेहतर होगा कि पुतले रख लें, जो खिलाड़ियों के मुताबिक काम करे। कोच टीम का हिस्सा है और टीम के फायदे को देखते हुए फैसले लेता है। कोच पोवार भी जीत चाहते थे और कप्तान हरमनप्रीत कौर उसका हिस्सा थीं। पोवार को अकेले निशाना क्यों बनाया जा रहा है? चयनकर्ता भी फैसले का हिस्सा थे। पोवार को हटाना गैर जरूरी था। ऐसे तो खेल आगे नहीं बढ़ेगा।'