ऐसा लगता है कि टीम इंडिया के पूर्व कप्तान एमएस धोनी ने खुलासा करने का मन बना लिया है। वह एक के बाद एक कई खुलासे करते जा रहे हैं। हाल ही में धोनी तमिलनाडु प्रीमियर लीग (टीएनपीएल) का मैच देखने पहुंचे थे, जहां उन्होंने फैंस से वादा किया कि अगली बार आने से पहले वह अपनी तमिल में सुधार करेंगे। अब एमएस धोनी ने एक और राज खोला है और बताया कि आखिर वह फोन पर बहुत ही कम जवाब क्यों देते हैं। माही के बारे में यह कहा जाता है कि वह कभी फोन पर उपलब्ध नहीं होते। इसके लिए उन्हें तरह-तरह की बातें भी कहीं गईं हैं।
'वर्ल्ड के बेस्ट फिनिशर' ने कहा कि वह फोन का अधिक इस्तेमाल नहीं करते और उनका मानना है कि इसका उपयोग सही ढंग से होना चाहिए। उन्होंने स्वीकार किया कि उनमें और तकनीक में बड़ा विभाजन है । इसके अलावा ऐसी कई कहानियां हैं जब उन्होंने फोन नहीं उठाना ठीक समझा।
इंडिया टुडे से बातचीत में विश्व कप विजेता कप्तान ने कहा, 'मैं और तकनीक, हमारे बीच बड़ा विभाजन है। मैं फोन का अधिक इस्तेमाल नहीं करता हूं और ऐसी कई कहानियां हैं कि मैंने फोन पर जवाब नहीं दिया। मगर मैं तकनीक का उपयोग करता हूं। जब मैं कुछ वीडियोज दिखाता हूं तो आप सोचते होंगे कि मैंने यह सही बनाया है या नहीं। तकनीक का सही उपयोग होना चाहिए।'
पिछले महीने ऐसी अफवाहें उड़ी थी कि धोनी इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास ले रहे हैं क्योंकि उन्होंने मैच हारने के बाद अंपायर से गेंद मांगी थी। उस समय विकेटकीपर बल्लेबाज का फॉर्म भी अच्छा नहीं चल रहा था, जिसकी वजह से यह संदेह गहराता जा रहा है। हालांकि, टीम इंडिया के हेड कोच रवि शास्त्री और धोनी दोनों ने स्पष्टीकरण दिया कि उन्होंने अंपायर से गेंद क्यों ली थी।
37 वर्षीय धोनी ने बताया कि वह अपनी टीम को बताना चाह रहे थे कि गेंद को रिवर्स स्विंग कैसे कराया जाए। टीम इंडिया के गेंदबाजों की जमकर धुनाई हुई थी जबकि इंग्लिश गेंदबाजों ने सराहनीय प्रदर्शन किया था। टीम इंडिया को अगले साल इंग्लैंड में ही विश्व कप खेलना है और ऐसे में धोनी का यह बारीकी सिखाना गेंदबाजों के लिए फायदेमंद था।