पहला टी-20 मुकाबला गंवाने के बाद अब टीम इंडिया ऑस्ट्रेलिया से दूसरे टी-20 में भिड़ने चिन्नस्वामी स्टेडियम के मैदान पर उतरेगी। पिछले मुकाबले में जहां धोनी को हार का जिम्मेदार ठहराया गया था, वहीं चिन्नास्वामी में अपने माथे से हार का कलंक धोने का सुनहरा मौका उनके हाथ लग गया है।
धोनी की धीमी पारी से निराश फैंस एक बार फिर माही के बल्लेबाजी का असली जलवा देख सकते हैं। पिछले मैच में महेंद्र सिंह धोनी 11वें ओवर में बल्लेबाजी करने उतरे थे और उन्होंने 37 गेंदों में एक छक्के की मदद से नाबाद 29 रन बनाए थे। धोनी ने अपना एकमात्र छक्का 20वें ओवर की दूसरी गेंद पर लगाया था।
आंकड़ें देखें तो धोनी ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 16 पारियों में 106.64 के स्ट्राइक रेट से 273 रन बनाए हैं। लेकिन बेंगलुरु का एम. चिन्नास्वामी में तो उनका रिकॉर्ड और भी शानदार रहा है। यहां धोनी को बल्लेबाजी के अनुकूल पिच भी मिल सकती है।
बता दें कि बैंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम में धोनी ने कुल 16 पारियों में 59.55 की औसत और 5 अर्धशतकों की मदद से 536 रन ठोके हैं। धोनी ने इससे ज्यादा रन सिर्फ एम. चिंदबरम स्टेडियम (चेन्नई) में ही बनाए हैं। इस लिहाज से यह धोनी का दूसरा सबसे पसंदीदा ग्राउंड है।
पिछले मैच में स्लो स्ट्राइक रेट की वजह से जब फैंस धोनी पर अपना गुस्सा निकाल रहे थे। तब ग्लेन मैक्सवेल ने धोनी का समर्थन करते हुए कहा, धीमी रन गति को समझा जा सकता है। जिस तरह विकेट बिहेव कर रही थी, उस पर स्कोर करना आसान नहीं था। धोनी की जगह कोई और बल्लेबाज भी होता तो उसके लिए भी रन बनाना काफी मुश्किल होता।'