टीम इंडिया के पूर्व कप्तान और मौजूदा विकेटकीपर बल्लेबाज एमएस धोनी आज अपना 37वां जन्मदिन मना रहे हैं। धोनी बेहद सफल क्रिकेटर और युवाओं के आदर्श हैं। धोनी का संघर्ष उनकी खेल में स्पष्ट झलकता है। आज धोनी ने जितनी शोहरत हासिल की है, इसके लिए उन्होंने कड़ी मेहनत की है। जब धोनी का चयन टीम इंडिया में हुआ तब भी उनका संघर्ष कम नहीं हुआ था। शुरुआती दिनों में धोनी को ड्रेसिंग रूम में 'बिहारी' कहकर बुलाया जाता था।
धोनी को इस नाम से पुकारने वाले कोई और नहीं बल्कि युवराज सिंह थे। युवी 'बिहारी' कहकर धोनी को खूब चिढ़ाते थे। यह कैप्टन कूल की महानता ही रही कि उन्होंने इसे हमेशा मजाक में लेते हुए नजरअंदाज करना ठीक समझा। धोनी ने एक इवेंट से इतर युवी का यह राज खोला था।
3 of 6
महेंद्र सिंह धोनी और युवराज सिंह
- फोटो : ESPN
यही नहीं, धोनी जब टीम इंडिया का हिस्सा बने तो वह बहुत ही जल्द बड़े-बड़े शॉट्स खेलने के कारण मशहूर हो गए। हालांकि, बड़े शॉट खेलने की फिराक में वह बहुत बार जल्दी भी आउट हो जाते थे। युवी तब धोनी को चिढ़ाया करते और कहते कि सिर्फ चौके-छक्के लगाने से कुछ नहीं होता, मैच जिताने वाली पारी भी खेलनी पड़ती है।
4 of 6
महेंद्र सिंह धोनी और युवराज सिंह
- फोटो : PTI
फिर क्या था। बहुत ही जल्द धोनी विश्व के सर्वश्रेष्ठ मैच फिनिशर कहलाने लगे। उन्होंने कई यादगार पारियां खेलकर टीम इंडिया को मैच जिताए। हालांकि, युवराज सिंह तब भी बोलने से पीछे नहीं रहे। उन्होंने फिर कहना शुरू कर दिया कि असली क्रिकेट तो टेस्ट मैच है। उसमें कमाल करना होता है।
5 of 6
महेंद्र सिंह धोनी और युवराज सिंह
युवी के बार-बार चिढ़ाने से तंग आकर धोनी एक दिन आगबबूला हो गए। उन्होंने पलटकर युवी से पूछा, तुम हमेशा गुस्से में क्यों रहते हो? महेंद्र सिंह धोनी की बात सुन युवी को अपनी गलती का एहसास हुआ और इसके बाद यह दोनों बहुत गहरे दोस्त बन गए।