भारतीय महिला क्रिकेट टीम की वन-डे कप्तान मिताली राज आज अपना 36वां बर्थडे सेलिब्रेट कर रही हैं। 3 दिसंबर 1982 को राजस्थान के जोधपुर में जन्मी मिताली सोमवार को 36 साल की हो गई हैं। महिला क्रिकेट की 'सचिन तेंदुलकर' कही जाने वाली मिताली ने क्रिकेट में वो मुकाम हासिल किया है, जो शायद ही किसी भारतीय महिला क्रिकेटर ने हासिल किया हो। आइए जानते हैं जन्मदिन के मौके पर उनकी करियर से जुड़ी कुछ खास बातेंः
महज 17 साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू करने वाली मिताली ने क्रिकेट में खूब नाम कमाया। 26 जून 1999 को उन्होंने आयरलैंड के खिलाफ पहला वन-डे मैच खेला था। 10 साल की उम्र में बल्ला थामने वाली मिताली को टीम इंडिया में शामिल होने में सिर्फ सात साल लगे।
आयरलैंड के खिलाफ अपने पहले ही मैच में उन्होंने 114 रनों की नाबाद पारी खेलकर धमाकेदार अंदाज में अपने क्रिकेट करियर का आगाज किया। इसके बाद साल 2001-02 के क्रिकेट सीजन में उन्हें दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट करियर की शुरुआत करने का मौका मिला।
मिताली ने साल 2002 में टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू किया था। उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ अपना पहला टेस्ट मैच खेला था। इसके बाद करियर के तीसरे टेस्ट में मिताली ने इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट की सबसे लंबी पारी खेलकर विश्व रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। इस मैच में उन्होंने 407 गेंदों में 19 चौके की मदद से 214 रन की शानदारी पारी खेली थी। 598 मिनट मैदान पर वह टिकी रहीं। इस मामले में उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के केरन रोल्टन के 209 रनों का रिकॉर्ड तोड़ा था।
गौरतलब है कि मिताली ने हैदराबाद के सेंट जोंस स्कूल में अपने बड़े भाई के साथ क्रिकेट की कोचिंग लेनी शुरू की। वह कई बार पुरुष खिलाड़ियों के साथ भी प्रैक्टिस करती थीं। क्रिकेट के अलावा उन्हें डांस में बी खासा दिलचस्पी थी। उन्होंने आठ साल तक भरतनाट्यम की शिक्षा हासिल की। हालांकि, क्रिकेट की वजह से उन्हें डांस छोड़ना पड़ा, लेकिन अभी भी वह कई मौकों पर डांस करती दिखाई देती हैं।