12वें वर्ल्ड कप की समाप्ति के बाद विश्व क्रिकेट को इंग्लैंड के रूप में नया विजेता मिला। वहीं लॉर्ड्स के मैदान में खेले गए फाइनल के बाद क्रिकेट जगत में ICC के नियमों को लेकर बड़ी बहस छिड़ गई।
वर्ल्ड कप फाइनल में ओवरथ्रो पर हुई थी आलोचना, अब MCC कर सकता है नियम में बदलाव
इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच खेले गए फाइनल में मैच टाई रहा, जिसके बाद दोनों टीमों के बीच सुपर ओवर करवाया गया। लेकिन सुपर ओवर के भी टाई रहने की वजह से कोई परिणाम नहीं निकल पाया। इसके बाद क्रिकेट के नियम के तहत मैच और सुपर ओवर में अधिक बाउंड्री लगाने वाले इंग्लैंड को विजेता घोषित कर दिया गया।
उससे पहले मैच में एक नियम पर सबसे अधिक विवाद हुआ जिसकी वजह से ही न्यूजीलैंड जीता हुआ मैच हार गई थी। अब रिपोर्ट्स के मुताबिक क्रिकेट के नियम बनाने वाली संस्था मेरिलबोन क्रिकेट क्लब (एमसीसी) अपने अगले मीटिंग में उस नियम पर चर्चा करते हुए कोई बड़ा फैसला कर सकती है।
क्या था मामला:
दरअसल मामला इंग्लैंड की पारी के 50वें ओवर का है। मेजबान टीम को 3 गेंदों में 9 रन की दरकार थी, तभी चौथी गेंद पर बेन स्टोक्स ने मिड विकेट की ओर शॉट खेला और तेजी से एक रन लेने के बाद दूसरा रन लेने के लिए भागे। इस दौरान दूसरा रन पूरा करने के वक्त उन्होंने स्ट्राइक एंड की तरफ डाइव लगा दी, तभी गुप्टिल का थ्रो आकर उनके बैट पर लगा और गेंद बाउंड्री पार चली गई। इसके बाद अंपायर ने आपस में बातचीत करने के बाद इंग्लैंड को 6 रन दे दिए। इस तरह जहां सिर्फ 2 रन होने चाहिए थे, वहां इंग्लैंड को 4 रन और अतिरिक्त मिल गए यानी कुल मिलाकर इंग्लैंड के खाते में 6 रन जुड़ गए। अब इंग्लैंड को आखिरी 2 गेंदों में जीत के लिए सिर्फ 3 रन की दरकार थी, जो कि मैच का टर्निंग प्वाइंट बन गया।
क्या कहता है ICC का नियम:
बाद में ICC के बेस्ट अंपायर रहे साइमन टफेल ने गलत अंपायरिंग की तरफ सभी का ध्यान खींचा। उन्होंने बताया कि क्रिकेट के 19.8 नियम के तहत अगर गेंद ओवरथ्रो पर बाउंड्री के पार चली जाए (चाहे वह गैरइरादतन बल्ले से ही क्यों न लगी हो), तो ओवरथ्रो से पहले लिए गए रनों में बाउंड्री के चार रन जुड़ जाएंगे। अगर ओवर थ्रो या फिर फील्डर के जानबूझ कर किए गए एक्ट से गेंद बाउंड्री पार कर जाती है तो इसका फायदा दूसरी टीम को मिलता है। रन लेते समय रन का फायदा तभी मिलता है, जब बल्लेबाज ने थ्रो से पहले रन पूरा कर लिया हो या फिर थ्रो से पहले ही दोनों बल्लेबाज एक दुसरे को क्रॉस कर जाते हैं।
लेकिन जब मार्टिन गप्टिल ने थ्रो फेंकी, तब बेन स्टोक्स और आदिल रशीद ने दूसरे रन के लिए एक दूसरे को क्रॉस नहीं किया था। इस तरह इंग्लैंड को जहां दो रन मिले, वहां सिर्फ एक रन ही होना चाहिए था। अगर ऐसा होता तो स्ट्राइक पर स्टोक्स की जगह आदिल रशीद होते और इंग्लैंड को आखिरी 2 गेंदों में 4 रनों की जरुरत होती।
ICC की प्रतिक्रिया
इस मामले पर ICC ने कहा था कि अंपायरों ने स्थिति के हिसाब से फैसला लिया था जिसपर वे कोई प्रतिक्रिया नहीं दे सकते हैं।