एशिया कप 2018 के चौथे मुकाबले में टीम इंडिया ने हांगकांग के खिलाफ बाएं हाथ के तेज गेंदबाज खलील अहमद को डेब्यू करने का मौका दिया है। राजस्थान के टोंक के रहने वाले 20 वर्षीय यह गेंदबाज टीम इंडिया के 222वें वन-डे खिलाड़ी बने।
15 सितंबर से शुरू हुए इस टूर्नामेंट में टीम इंडिया के नियमित कप्तान विराट कोहली को आराम दिया गया है। उनके बदले रोहित शर्मा को टीम इंडिया की कमान सौंपी गई है। टीम में एकमात्र नया चेहरा खलील अहमद हैं। ऐसे में आइए जानते हैं आखिर कौन हैं खलील अहमद, जिन्हें कई खिलाड़ियों के ऊपर तरजीह देते हुए टीम में जगह मिली।
बता दें कि बाएं हाथ के तेज गेंदबाज खलील अहमद राजस्थान से आते हैं। राजस्थान के टोंक के रहने वाले 20 वर्षीय खलील ने अब तक 17 लिस्ट ए मैच खेले हैं, जिनमें उन्होंने 28 विकेट लिए हैं। राहुल द्रविड़ 2016 अंडर-19 विश्व कप से ही उन पर निगाह रखे हुए थे। वह हाल में भारत ए के साथ इंग्लैंड दौरे पर भी गए थे।
राजस्थान के टोंक जिले के रहने वाले खलील अहमद के पिता को क्रिकेट से इस कदर नफरत थी कि खलील ने कई सालों तक गुपचुप तरीके से तेज गेंदबाजी की बारीकियां सीखीं। खलील के पिता कंपाउंडर हैं और अब उनके बेटा भारतीय टीम में शामिल होकर पिता के सभी सपनों को पूरा करेगा जिसके वे सख्त खिलाफ थे।
चयनकर्ता विश्व कप से पहले तेज गेंदबाजी में विविधता चाहते हैं और जयदेव उनादकट और बरिंदर सरां के अनुकूल परिणाम नहीं देने के कारण अब खलील को आजमाने का फैसला किया। सैय्यद मुश्ताक अली ट्रॉफी (17 विकेट) और विजय हजारे ट्रॉफी (10) में शानदार प्रदर्शन करने के साथ-साथ इस साल घरेलू सीजन में राजस्थान को कूच बिहार ट्रॉफी के सेमीफाइनल तक पहुंचाना भी खलील के पक्ष में गया।