संसद में नागरिकता संशोधन कानून पास होने के बाद से ही देश के अलग-अगल हिस्सों में इसका विरोध हो रहा है। इस दौरान जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई की। पुलिस की छात्रों पर कार्रवाई के बाद देश की जानी-मानी हस्तियों ने इसकी आलोचना की। इसमें से टीम इंडिया के तेज गेंदबाज इरफान पठान भी शामिल हैं। पठान ने छात्रों पर हुए हमलों पर विरोध जताते हुए ट्वीट किया।
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इरफ़ान पठान
- फोटो : अमर उजाला
ट्वीट के बाद वह सोशल मीडिया पर ट्रोल हो गए, जिसके बाद एक बार फिर इरफान ने आगे आकर इसका विरोध किया कि वह भारतीय हैं और अपने देश में अपनी बात रखने का उनको हक है। इस दौरान इरफान ने अपने पाकिस्तान दौरे को याद करते हुए एक किस्सा बताया जहां उनके धर्म पर सवाल उठाया गया था।
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इरफान पठान
- फोटो : social Media
पठान ने बताया कि साल 2004 में सीरीज के लिए पाकिस्तान गया था। इस दौरान वह राहुल द्रविड़, पार्थिव पटेल और लक्ष्मीपति बालाजी के साथ लाहौर के एक कॉलेज में पहुंचा, जहां लगभग 1500 बच्चे मौजूद थे और वे हम सभी से सवाल पूछ रहे थे। पठान ने बताया कि मौजूद बच्चों के बीच से एक लड़की खड़ी हुई और बेहद गुस्से में मुझसे पूछा कि अगर वह मुस्लिम हैं तो भारत की तरफ से क्यों खेलते हैं?
इरफान ने बताया कि मैं खड़ा हुआ और कहा मैं भारत से खेलकर उस पर कोई एहसान नहीं कर रहा हूं। भारत मेरा देश है। मेरे पूर्वज भारत के हैं। मैं भाग्यशाली हूं कि इसका प्रतिनिधित्व कर पा रहा हूं। मेरा जवाब सुनकर कॉलेज में सबने तालियां बजाई।
इरफान ने ट्वीट किया था कि राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर चलता रहेगा, लेकिन मैं और हमारा देश जामिया मिल्लिया के छात्रों के लिए परेशान है। इस ट्वीट के बाद वह ट्रोल करने वालों के निशाने पर आ गए। इरफान पठान ने इस पर नाराजगी जताते हुए कहा, जब मैंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के खिलाफ ट्वीट किया तब मैं सबका लाडला था और अब जब मैं अपने छात्रों के बारे में बात कर रहा हूं अब मैं गलत हूं, ऐसा क्यों।