असाधारण प्रतिभावान और कंधों पर कप्तानी का अतिरिक्त दायित्व ऋषभ पंत के लिए आईपीएल के इस सीजन में बड़ी प्रेरणा बन सकता है। पिछली बार फाइनल में पहुंची दिल्ली कैपिटल्स इस बार पहला खिताब जीतने का लक्ष्य लेकर उतरेगी। मजबूत बल्लेबाजी पंक्ति और दमदार तेज गेंदबाजी दिल्ली की टीम के दावे को मजबूती प्रदान करते हैं। दिल्ली का पहला मैच 10 अप्रैल को महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी वाली चेन्नई सुपरकिंग्स से होगा।
आईपीएल 2021: कप्तान पंत की दिल्ली का दावा दमदार, नए नेतृत्व में उतरेगी पिछली उपविजेता
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शिखर और शॉ पर जिम्मा
दिल्ली की टीम इस सीजन में सबसे संतुलित टीमों में से एक है। शीर्ष क्रम में बाएं हाथ के अनुभवी बल्लेबाज शिखर धवन, पृथ्वी शॉ और अजिंक्य रहाणे जैसे बल्लेबाज हैं। मध्यक्रम में कप्तान पंत के अलावा मार्कस स्टोइनिस और शिमरॉन हेतमायर और सैम बिलिंग्स इस बार श्रेयस अय्यर की कमी को पूरा करना चाहेंगे। पंत ने हाल ही में ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के खिलाफ अपने जबर्दस्त प्रदर्शन से मैच विजेता की अपनी छवि को और मजबूत किया है। ऑलराउंडर स्टोइनिस और बिलिंग्स को भी यह सुनिश्चित करना होगा कि टीम शानदार प्रदर्शन करने में सफल रहे। पृथ्वी शॉ भी लय में हैं, उन्होंने विजय हजारे ट्रॉफी में 827 रन बनाए थे। इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में भी उन्होंने 98 और 67 रन की पारी खेली थी। ऑस्ट्रेलियाई धुरंधर स्टीव स्मिथ के आने से टीम को और बल मिला है।
रबाडा-नोर्त्जे की मजबूत पेस जोड़ी
गेंदबाजी के मोर्चे पर दक्षिण अफ्रीका के कैगिसो रबादा और एनरिच नोर्त्जे की मजबूत जोड़ी है। पिछली बार रबादा ने सर्वाधिक विकेट लिए थे। दोनों ने मिलाकर कुल 53 विकेट लिए थे। ये जोड़ी मंगलवार को ही मुंबई पहुंची है और सात दिन के अनिवार्य क्वारंटीन के कारण चेन्नई के खिलाफ शनिवार को होने वाले पहले मैच में नहीं उतर पाएगी। ये दोनों हाल में दक्षिण अफ्रीका की पाकिस्तान के खिलाफ चल रही वनडे सीरीज में व्यस्त थे। दिल्ली के पास तेज गेंदबाजी में इसके अलावा क्रिस वोक्स, इशांत शर्मा और उमेश यादव के विकल्प हैं।
कमजोरी: सही स्थानापन्न की कमी
टीम के साथ एक दिक्कत यह है कि उसके पास खिलाड़ियों के सही स्थानापन्न नहीं हैं। वे अपने तेज गेंदबाज रबादा और नोर्त्जे को आराम नहीं दे सकते क्योंकि इससे उनकी तेज गेंदबाजी की धार पर असर पड़ेगा। बेशक अनुभवी इशांत और उमेश यादव हैं लेकिन वह सफेद गेंद से ज्यादा क्रिकेट नहीं खेलते हैं। इसके अलावा अगर विकेटकीपर ऋषभ पंत को चोट लग जाती है तो उनकी जगह अनुभवी विकेेटकीपर नहीं है। केरल के विष्णु विनोद हैं लेकिन काफी युवा हैं।
अवसर: विश्व कप की तैयारियां पर नजर
दिल्ली के सामने चुनौती है लेकिन यह बड़ा अवसर भी है कि युवा कप्तान पंत अपने सीनियर महेंद्र सिंह धोनी की छाया से निकलकर अपनी टीम को खिताब जिताने में मदद करें। पंत को इस साल भारत में ही होने वाले टी-20 विश्व कप के लिए भी अपने को तैयार करना है। धवन भी कोशिश करेंगे कि वह टी-20 विश्व कप में ओपनर की अपनी दावेदारी को पुख्ता करें। इसी तरह रविचंद्रन अश्विन और अक्षर पटेल के पास भी अवसर रहेगा।