टीम इंडिया के खिलाफ पांच टेस्ट मैचों की सीरीज में इंग्लैंड ने 'विराट ब्रिगेड' को 4-1 से हराकर बुरी तरह धो डाला। टेस्ट सीरीज में अंग्रेजों के खिलाफ चारों खाने चित हुई टीम इंडिया की खस्ता हालत के बाद क्रिकेट जगत के पंडित हार के समीकरणों पर चर्चा कर रहे हैं। इनका कहना है कि टीम मैनेजमेंट की बेतुकी सिलेक्शन प्रक्रिया ने विदेशी सरजमीं पर टीम इंडिया की लुटिया डुबाई है।
पहले टेस्ट में पुजारो को बाहर बैठाना
इंग्लैंड के खिलाफ पहले टेस्ट मैच में चेतेश्वर पुजारा को बाहर बैठाना चयनकर्ताओं की सबसे बड़ी गलती थी। काउंटी क्रिकेट में बेहतर प्रदर्शन के बावजूद पुजारा को बाहर किया गया। हालांकि मैनेजमेंट चाहती तो धवन-राहुल में से किसी एक की जगह पुजारा को मौका दे सकती थी, जिन्होंने दोनों ही पारियों में टीम को काफी निराश किया था।
लॉर्ड्स टेस्ट में कुलदीप की वापसी
पहले टेस्ट में शर्मनाक हार के बाद प्लेइंग इलेवन में कुलदीप यादव को जगह दी गई। हालांकि टीम मैनेजमेंट को बखूबी यह बात पता थी कि पिच उनके अनुकूल नहीं है। पहले दिन ही यह साफ हो गया था पिच काफी ड्राई है और यहां कुलदीप की कलाई का जादू नहीं दिखेगा। परिणाम यह हुआ कि कुलदीप को मैच में कोई विकेट नहीं मिला।
इंजरी के बावजूद अश्विन का खेलना
इंग्लैंड के खिलाफ इस सीरीज में एकमात्र टेस्ट (तीसरा टेस्ट) जीतने के बाद विराट कोहली और मैनेजमेंट जानते थे कि उनका सबसे अनुभवी और विश्वस्नीय स्पिन गेंदबाज घायल हो चुका है। यह जानते हुए भी अश्विन को प्लेइंग इलेवन में शामिल किया गया। इस मैच में अश्विन ने सिर्फ एक विकेट हासिल किया।
धवन को लगातार मौके
पांच मैचों की इस टेस्ट सीरीज में टीम इंडिया के ओपनर बल्लेबाज शिखर धवन को लगातार मौके दिए गए। धवन को टीम में शामिल करने के लिए कई बार दूसरे बल्लेबाजों की अनदेखी हुई। हालांकि इसके बावजूद धवन एक भी मुकाबले में खुद को सबित नहीं कर पाए। धवन के बल्ले से इस टेस्ट सीरीज में एक भी अर्धशतक नहीं निकला।