ऑस्ट्रेलिया के पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज ब्रैड हैडिन का मानना है कि शुभमन गिल की कप्तानी वाली भारतीय टीम को इंग्लैंड के खिलाफ पांच टेस्ट मैचों की सीरीज में खराब फील्डिंग की समस्या से उबरने के लिए अपने रवैये में बदलाव करना होगा। भारतीय क्षेत्ररक्षकों खासकर यशस्वी जायसवाल ने पहले टेस्ट में कई कैच टपकाए। भारत को बेन स्टोक्स की टीम ने पांच विकेट से हराकर सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली।
ऑस्ट्रेलिया के लिए 66 टेस्ट खेल चुके हैडिन ने कहा, 'हर दौर में हर महान टीमें फील्डिंग में भी शानदार रही हैं। शुभमन गिल को भी इस टीम में इसकी शुरूआत करनी चाहिए। इसके लिए रवैये में बदलाव की जरूरत है। आप अच्छी फील्डिंग करना चाहते हैं और हर समय प्रतिस्पर्धी रहना चाहते हैं, यह रवैये की बात है।'
हैडिन ने कहा कि आईपीएल में भी कैचिंग का स्तर बहुत खराब था। उन्होंने कहा, 'इस साल आईपीएल में कैचिंग बहुत ही लचर रही। हमने प्रतिभाशाली गेंदबाजों और बल्लेबाजों की बात की, लेकिन असल समस्या कैचिंग की थी। मैं इतना जरूर कहूंगा कि सर्वश्रेष्ठ फील्डिंग टीम बनने का तरीका तलाशना होगा क्योंकि प्रतिभा की कमी नहीं है।' हैडिन ने ऑस्ट्रेलिया के लिए 66 टेस्ट में 32.99 की औसत से 3266 रन बनाए। इसमें चार शतक और 18 अर्धशतक शामिल हैं। इसके अलावा उन्होंने 126 वनडे में 31.53 की औसत से 3121 रन बनाए। वहीं, कंगारुओं के लिए 34 टी20 में उन्होंने 114.53 के स्ट्राइक रेट से 402 रन बनाए। इस विकेटकीपर बल्लेबाज ने अंतरराष्ट्रीय डेब्यू 2001 में जिम्बाब्वे के खिलाफ वनडे से किया था। वहीं, आखिरी मैच उन्होंने जुलाई 2015 में खेला था। यह इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट मैच था।
यशस्वी ने लीड्स टेस्ट में कुल चार कैच छोड़े थे। इंग्लैंड की दूसरी पारी के दौरान उन्होंने प्लेयर ऑफ द मैच रहे बेन डकेट का कैच छोड़ा था। तब वह 97 रन पर थे। इसके बाद उन्होंने 149 रन की पारी खेली। इतना ही नहीं, पहली पारी में भी यशस्वी ने स्लिप में शतकवीर ओली पोप और हैरी ब्रूक के भी कैच छोड़े। पहली पारी में ब्रूक ने 99 रन और पोप ने 106 रन बनाए। यशस्वी के अलावा रवींद्र जडेजा और ऋषभ पंत से भी कैच छूटे थे। इसी का फायदा उठाकर इंग्लिश टीम भारत को हराने में कामयाब रही।