साल 2007 और 2011 के विश्व कप के हीरो गौतम गंभीर इन दिनों सोशल वर्क में भी काफी एक्टिव नजर आ रहे हैं। कश्मीर में आतंकी हमले में शहीद हुए एएसआई अब्दुल रशीद की बेटी जोहरा की मदद का मुद्दा हो या छत्तीसगढ़ में नक्सली हमले में शहीद हुए जवानों के बच्चों की शिक्षा के खर्च की बात, गंभीर ने ऐसे मामलों में खुलकर अपनी आवाज बुलंद की है।
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में पिछले साल अप्रैल में हुए नक्सली हमले में शहीद हुए 25 जवानों के बच्चों की पढ़ाई का खर्च गौतम गंभीर फाउंडेशन के जरिए वहन करने का ऐलान करके वे हर किसी की प्रशंसा हासिल कर चुके हैं। देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों पर भी गंभीर सोशल मीडिया के जरिये बेवाक राय जाहिर करते हैं।
बिना किसी लाग-लपेट के सीधे शब्दों में अपनी बात कहना गौतम की खासियत है। हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान माथे पर बिंदी लगाए और दुपट्टा डाले गौतम गंभीर के फोटो मीडिया की सुर्खियां बने तो हर किसी को हैरानी हुई, लेकिन इस वेशभूषा के पीछे की उनकी मंशा के बारे में जब लोगों को पता चला तो उनकी हर किसी ने सराहना की।
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gautam gambhir
- फोटो : twitter
दरअसल, गौतम समाज में उपेक्षा और भेदभाव के शिकार किन्नर समाज के प्रति समर्थन जताने के लिए उनके कार्यक्रम हिजड़ा हब्बा के उद्घाटन समारोह में पहुंचे थे। कार्यक्रम में किन्नरों ने गौतम गंभीर को उनकी तरह तैयार होने में मदद की थी।
यह कोई पहली बार नहीं है कि गौतम गंभीर ने समाज की उपेक्षा का शिकार इस खास वर्ग के प्रति अपना समर्थन जताया है। इसी साल उन्होंने दो ट्रांसजेंडर्स को अपनी बहन बनाते हुए उनसे राखी बंधवाई थी। गंभीर ने इसका फोटो भी अपने ट्विटर अकाउंट पर पोस्ट किया था।