भारत के अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार ने टीम इंडिया के स्टार पेसर जसप्रीत बुमराह के लिए खुलकर समर्थन जताया है। हाल ही में समाप्त हुई इंग्लैंड में एंडरसन-तेंदुलकर टेस्ट सीरीज में बुमराह केवल तीन टेस्ट मैच खेले थे। चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट के इस फैसले पर कुछ पूर्व क्रिकेटरों और फैन्स ने सवाल उठाए, लेकिन भुवनेश्वर का मानना है कि यह निर्णय पूरी तरह से समझदारी भरा है और खिलाड़ी के लंबे करियर के लिए आवश्यक भी।
बुमराह पर बोझ
जसप्रीत बुमराह ने 2024 से अब तक टेस्ट क्रिकेट में 486.4 ओवर डाले हैं। यह किसी भारतीय तेज गेंदबाज़ द्वारा इस अवधि में डाले गए ओवरों में दूसरा सबसे बड़ा आंकड़ा है। उनसे आगे केवल मोहम्मद सिराज हैं, जिन्होंने 500 ओवर डाले हैं। बुमराह के करियर में सबसे ज्यादा ओवर डालने वाली सीरीज पटौदी ट्रॉफी 2021 रही, जिसमें उन्होंने 187 ओवर फेंके और 23 विकेट लिए। हाल की बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी में भी उन्होंने 151.2 ओवर डालकर 32 विकेट झटके और उनका औसत (13.1) बेहतरीन रहा। इसके अलावा, अगर हम बुमराह के करियर में किसी टेस्ट सीरीज में डाले गए सबसे ज्यादा ओवर देखें, तो आंकड़े इस तरह हैं-
| सीरीज |
पारियां |
ओवर |
विकेट |
औसत |
| पटौदी ट्रॉफी 2021 |
9 |
187 |
23 |
22.5 |
| बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी 2018 |
8 |
157.1 |
21 |
17 |
| बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी 2024/25 |
9 |
151.2 |
32 |
13.1 |
| पटौदी ट्रॉफी 2018 |
6 |
133.2 |
14 |
25.9 |
| एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी 2025 |
5 |
119.4 |
14 |
26 |
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जसप्रीत बुमराह
- फोटो : PTI
'बुमराह का गेंदबाजी एक्शन काफी जटिल'
भुवनेश्वर ने ‘टॉक विद मानवेन्द्र’ पॉडकास्ट में कहा कि बुमराह का गेंदबाजी एक्शन काफी जटिल है, जिसमें चोट लगने का खतरा हमेशा बना रहता है। उन्होंने समझाया कि मौजूदा समय में, जब क्रिकेट तीनों प्रारूपों में लगातार खेला जा रहा है, तो किसी भी गेंदबाज के लिए पूरे साल फिट रहना आसान नहीं है। उन्होंने कहा, 'कई वर्षों तक तीनों प्रारूपों में लगातार खेलना किसी के लिए भी चुनौतीपूर्ण है। यदि आप किसी खिलाड़ी से लंबा करियर चाहते हैं, तो उन्हें रणनीतिक रूप से मैनेज करना अनिवार्य है।'
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भुवनेश्वर कुमार।
- फोटो : अमर उजाला
'टीम मैनेजमेंट बुमराह की क्षमता से परिचित'
भुवी ने आगे कहा कि यदि चयनकर्ता और टीम मैनेजमेंट बुमराह की क्षमता से परिचित हैं और यह जानते हैं कि वह तीन में से किन मैचों में अधिक प्रभाव डाल सकते हैं, तो उनके केवल तीन मैच खेलने में कोई समस्या नहीं है। उन्होंने कहा, 'मुझे इसमें कोई दिक्कत नहीं है कि वह तीन ही मैच खेलें। अगर चयनकर्ता जानते हैं कि वह उन मैचों में बड़ा योगदान देंगे, तो यह पूरी तरह से सही है।'
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गिल, यशस्वी और बुमराह
- फोटो : ANI
'बुमराह ने अपना काम बखूबी किया'
बुमराह ने इस इंग्लैंड दौरे के दौरान तीन मैचों में कुल 14 विकेट झटके, जिसमें दो बार पारी में पांच विकेट शामिल हैं। हालांकि, भारत को ये दोनों मैच गंवाने पड़े, लेकिन भुवनेश्वर का मानना है कि व्यक्तिगत प्रदर्शन के लिहाज से बुमराह ने अपना काम बखूबी किया। भुवनेश्वर ने यह भी जोड़ा कि आम लोग अक्सर आधुनिक क्रिकेट में लगातार खेलने के मानसिक और शारीरिक दबाव को नहीं समझते। उन्होंने कहा, 'खिलाड़ियों को आराम और मैचों का चयन देना उनकी फिटनेस, फॉर्म और करियर की लंबी उम्र बनाए रखने के लिए बेहद जरूरी है। यही वजह है कि बुमराह जैसे प्रमुख खिलाड़ी का वर्कलोड मैनेज करना भारतीय क्रिकेट के लिए एक सकारात्मक रणनीति है।'