भारत के स्टार पहलवान बजरंग पूनिया ने बुडापेस्ट में संपन्न विश्व चैंपियनशिप में ऐतिहासिक सिल्वर मेडल जीता था। हालांकि, कम ही लोगों को इसकी जानकारी होगी कि चैंपियन रेसलर ने इंजेक्शन और कई पैन किलर दवाइयां ली थीं। बजरंग पूनिया को कोहनी में गंभीर चोट लगी थी, जिससे विश्व चैंपियनशिप में उनके अभियान के समापन की गुंजाइशे बढ़ गई थीं।
अब बजरंग का दर्द बहुत बढ़ गया है और वह मैट से दूर रहेंगे। इसका मतलब यह है कि उत्तर प्रदेश के गोंडा में होने वाले नेशनल्स में वह हिस्सा नहीं लेंगे। याद हो कि बजरंग पूनिया ने विश्व चैंपियनशिप में 65 किग्रा फ्रीस्टाइल वर्ग में सिल्वर मेडल जीता था।
बजरंग ने पहली बार मीडिया के सामने अपनी चोट का खुलासा करते हुए कहा, 'मुझे विश्व चैंपियनशिप शुरू होने के एक सप्ताह पहले दाएं कोहनी के ज्वाइंट के लिगामेंट में चोट लगी थी। यह चोट ट्रेनिंग के दौरान लगी थी। मगर मैंने किसी के सामने खुलासा नहीं किया, वरना लोग कहते कि फाइनल्स हारने के बाद मैं बहाने बना रहा हूं।' स्टार पहलवान ने बताया कि वह अभी रिहैब के दौर से गुजर रहे हैं और जनवरी में प्रो रेसलिंग लीग से मैट में वापसी की कोशिश करेंगे।
उन्होंने आगे कहा, 'मुझे बहुत दर्द था। मगर विश्व चैंपियनशिप से बाहर नहीं होना चाहता था क्योंकि यह बड़ी स्पर्धा है। मेरे फिजियो ने मुझे इंजेक्शन और पैन किलर देकर दर्द को नियंत्रित किया। मुझे बाउट के दौरान भी पैन किलर दवाईयां दी गईं। मैं मेडल जीतने के जुनून में दर्द भी भूल गया। मैं कम से कम सात से आठ सप्ताह तक मैट से दूर रहूंगा।'
बजरंग पूनिया भले ही नेशनल्स में नहीं हिस्सा लें, लेकिन अगला साल उनके और देश के लिए महत्वपूर्ण हैं क्योंकि टोक्यो ओलंपिक्स में क्वालिफाई करने के लिए उन्हें कई प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेना है। इसकी शुरुआत एशियाई चैंपियनशिप्स से होगी।