ऑस्ट्रेलिया के पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज एडम गिलक्रिस्ट अपनी आक्रामक बल्लेबाजी के लिए विश्व में मशहूर रहे। मैदान में लंबे-लंबे शॉट लगाकर दर्शकों का मनोरंजन करना गिलक्रिस्ट का शौक रहा। हालांकि, यह शौक गेंदबाजों पर हमेशा हावी पड़ा, जिनके लिए गिलक्रिस्ट किसी बुरे सपने से कम नहीं रहे। 23 फरवरी का दिन तो गिलक्रिस्ट ने यादगार बना दिया, जिसे क्रिकेट फैंस भूलते हुए भी नहीं भूल पाते।
23 फरवरी 2002 को गिलक्रिस्ट ने दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाजों की ऐसी बखिया उधेड़ी, जिसे आज भी प्रोटियाज का स्टार गेंदबाजी लाइन अप नहीं भूल पाता। एलन डोनाल्ड, शॉन पोलाक, आंद्रे नेल और मखाया एंटिनी, इन सभी के लिए यह दिन बहुत बुरा साबित हुआ, क्योंकि गिलक्रिस्ट ने इनकी गेंदबाजी की ऐसी धज्जियां उड़ाई, जैसे कोई खिलौने के साथ खेल रहा हो।
गिलक्रिस्ट ने 212 गेंदों में दोहरा शतक जमाकर टेस्ट क्रिकेट में रिकॉर्ड स्थापित किया था। वह टेस्ट क्रिकेट इतिहास में सबसे तेज दोहरा शतक जड़ने वाले विश्व के पहले बल्लेबाज बने थे। गिलक्रिस्ट ने इयान बोथम द्वारा 220 गेंदों में दोहरा शतक जड़ने के रिकॉर्ड को तोड़ा। यही नहीं, गिली टेस्ट क्रिकेट में दोहरा शतक जमाने वाले विश्व के पांचवें विकेटकीपर बल्लेबाज बने थे। उनसे पहले इम्तियाज अली, तस्लीम आरिफ, ब्रेंडन कुरुप्पू और एंडी फ्लावर यह कमाल कर चुके हैं।
गिलक्रिस्ट जब बल्लेबाजी करने के लिए उतरे तब पहले दिन स्टंप्स होने में एक घंटा बचा था। गिलक्रिस्ट ने डेमियन मार्टिन के साथ मिलकर क्रीज पर समय बिताया और पहले दिन की समाप्ति पर ऑस्ट्रेलिया का स्कोर 331 रन पहुंचा दिया। अगले दिन गिलक्रिस्ट अपने चिर-परिचित अंदाज में नजर आए। वो उसी लय में दिखे जैसे वन-डे में ओपनिंग करते हुए रहते थे।
दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाज जो भी प्रयोग करें, गिलक्रिस्ट के सामने सभी फेल होते नजर आ रहे थे। 'गीली' ने अपना अर्धशतक 89 गेंदों में छह चौको और दो छक्को की मदद से पूरा किया। फिर उन्होंने अपने गियर बदल लिए। अगले 50 रन केवल 32 गेंदों में बने, जिसमें 6 चौके और दो छक्के शामिल रहे। यह दोनों ही छक्के निकी बॉय की गेंदों पर जड़े गए।