मोबाइल फोन, कंप्यूटर, कैमरा समेत सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के लिए एक ही चार्जर
यूरोपीय संघ के संसद में एक ऐसे प्रस्ताव को मंजूर किया गया है जिसके अंतर्गत अब एक ही चार्जर से कंप्यूटर, फोन, स्पीकर, टैब व अन्य डिवाइस वगैरह चार्ज हो सकेंगे। यानी अब अलग अलग डिवाइस के लिए कई चार्जर को अपने साथ रखने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
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क्या आपको मालूम है कि यूरोप में हर साल 11,000 मीट्रिक टन ई-कचरा इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के बिना इस्तेमाल वाले चार्जर्स की वजह से होता है। ये चार्जर बंद डब्बे से निकालकर सीधे कचरे में फेंक दिये जाते हैं या फिर घर के किसी कोने में बेकार पड़े रहते हैं। इलेक्ट्रॉनिक कचरे की बढ़ती तादाद यूरोपीय देशों की चिंताएं बढ़ा रही हैं।
पर्यावरण पर इनके खतरनाक प्रभाव भी सभी का ध्यान अपनी ओर खींच रहे हैं। यही वजह है कि यूरोपीय संघ के संसद में एक ऐसे प्रस्ताव को मंजूर किया गया है जिसके अंतर्गत अब एक ही चार्जर से कंप्यूटर, फोन, स्पीकर, टैब व अन्य डिवाइस वगैरह चार्ज हो सकेंगे। यानी अब अलग अलग डिवाइस के लिए कई चार्जर को अपने साथ रखने की जरूरत नहीं पड़ेगी। नए नियम के मुताबिक ईयू के उपभोक्ताओं को एक ही यूएसबी टाइप सी चार्ज डिवाइस से सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को चार्ज करने की सुविधा मिल सकेगी।
इस तरह के यूनिवर्सल चार्जर को तैयार कर बाजार में उतारने तक के लिए कंपनियों के पास दो साल (24 माह) का समय होगा। यानी साल 2024 के जून-जुलाई से ऐसे चार्जर यूरोपीय बाजार में मिलने लगेंगे। यानी एक साथ यूरोप के 28 देशों में यूनिवर्सल चार्जर मिलना शुरू हो जाएगा। उम्मीद की जा रही है कि यूरोप के बाद दुनिया के दूसरे देशों में भी ई-कचरे को कम करने के लिए इस तरह की पहल जल्द होगी।
इस पहल से मोबाइल फोन, टैबलेट्स, लैपटॉप, ई-रीडर्स, हेडसेट, ईयरबड्स, डिजिटल कैमरा, हेडफोन, कीबोर्ड, माइक, गेमिंग, स्पीकर्स, नेवीगेशन डिवाइस सभी के लिए एक ही चार्जर होगा। दरअसल ई-कचरे को कम करने की योजनाओं पर यूरोपीय संघ लंबे समय से प्रयास कर रहा है। और अब यह प्रस्ताव अगले चरण में पहुंच चुका है। कई कंपनियों ने यूएसबी सी सॉकेट तैयार करने पर अपनी सहमति देते हुए इस दिशा में बढ़ना शुरू कर दिया है।
लेकिन एप्पल इस प्रस्ताव से ज्यादा खुश नहीं है। कंपनी के अधिकारी मानते हैं कि यह प्रयास नये अविष्कारों को प्रभावित कर सकता है। जबकि ईयू संसद इसे उपभोक्ता सुविधा उन्मुख और ई-कचरे को कम करने वाले नई खोजों को बढ़ावा देने वाला कदम मान रही है।
आपको बता दूं कि iPhone अपने खुद के लाइटनिंग चार्जिंग पोर्ट के साथ आते हैं, हालांकि अब नए मॉडलों में ऐसे केबल भी शामिल होने लगे हैं जिन्हें यूएसबी-सी सॉकेट में प्लग किया जा सकता है। यह भी महत्वपूर्ण है कि यूरोपीय संघ के नियमों में फास्ट चार्जिंग तकनीक के मानकों का भी उल्लेख किया गया है।
यानी कम समय में किसी भी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को यूनिवर्सल चार्जर से चार्ज किया जा सके। साथ ही उपभोक्ताओं को यह अधिकार देने का प्रस्ताव किया गया है कि उन्हें नए चार्जर के साथ या चार्जर के बगैर नए उपकरणों को खरीदने का विकल्प हमेशा मिल सके। यूरोपीय संघ का अनुमान है कि इस पहल से यूरोपीय उपभोक्ताओं के सालाना 250 मिलियन यूरो ($ 336 मिलियन) की बचत संभव हो सकेगी।
दरअसल यूरोपीय संघ ने इलेक्ट्रॉनिक कचरे को कम करने का लक्ष्य रखा है। ईयू का अनुमान है कि यूरोप में हर साल 11,000 मीट्रिक टन ई-कचरा बिना इस्तेमाल वाले चार्जर्स की वजह से होता है। एक अनुमान के मुताबिक इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को खरीदने पर मिलने वाले प्रत्येक तीन में से एक एक चार्जर को इस्तेमाल के लिए कभी नहीं खोला जाता। यह हमेशा उसी नये पैकेट में रह जाता है। इसकी जगह पुराने चार्जर का उपयोग कर लोग अपना काम पूरा कर लेते हैं। अंजाने में ही सही ऐसे कारणों से ई कचरा बढ़ता जाता है।
उम्मीद है कि गर्मी की छुट्टियों के बाद यूरोपीय संसद के इस समझौते को पूरी तरह मंजूरी मिल जाएगी। यूरोपीय संसद में यूनिवर्सल चार्जर संबंधी विधायी प्रस्ताव को सितंबर 2021 को संसद में पेश किया गया था। जिस पर अब सभी यूरोपीय देश एकमत हो चुके हैं।
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