फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   City & states ›   counterfeit notes were preparing to contest Netaji, was disclosed that ...

जाली नोटों से चुनाव लड़ने की तैयारी में थे नेता जी, ऐसे हुआ खुलासा...

Mon, 26 Dec 2016 06:16 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ Updated Mon, 26 Dec 2016 06:16 PM IST
सार

नेशनल लोकमत पार्टी का प्रदेशाध्यक्ष मुख्य आरोपी खुशी गांधी, गाड़ी पर झंडा, वीआईपी लिखा हुआ व हूटर लगाकर चलते थे 

विज्ञापन
counterfeit notes were preparing to contest Netaji, was disclosed that ...
आरोपियों से बरामद नकली नोट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

नई करेंसी अब तो अधिकांश लोगों के पास आ गई। पुलिस ने नकली करेंसी बनाने वाले ‘वीआईपी गैंग’ का पर्दाफाश किया है। सवाल उठता है कि आरोपियों से बरामद 4.27 लाख रुपये की नकली करेंसी हाथ में आते ही स्पष्ट हो जाता कि नोट नकली है। ऐसे नोटों को आरोपी मार्केट में कैसे चला सकते है। हालांकि पुलिस का दावा है कि आरोपियों ने दो लाख रुपये की नकली करेंसी मार्केट में चला भी दी।

विज्ञापन


एसपी सिटी आलोक प्रियदर्शी ने पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता में तीन आरोपी खुशी गांधी पुत्र हनीफ खां, आजाद पुत्र तौसीफ निवासी जेई गांव भावनपुर व ताहिर पुत्र यासीन निवासी स्याल गांव भावनपुर को मीडिया से रूबरू किया। मुख्य आरोपी खुशी गांधी नेशनल लोकमत पार्टी का प्रदेशाध्यक्ष और वह पार्टी से किठौर विधानसभा का प्रत्याशी भी है। पुलिस के मुताबिक क्राइम ब्रांच व पल्लवपुरम थाना पुलिस को मुखबिर ने सूचना दी कि खुशी गांधी अपने साथियों के साथ नकली करेंसी लेकर मार्केट में सप्लाई करने जा रहा है।    
विज्ञापन


पुलिस टीम ने घेराबंदी कर पल्लवपुरम में तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनकी गाड़ी पर पार्टी का झंडा, वीआईपी लिखा हुआ, लालबत्ती और हूटर लगा हुआ था। पुलिस ने तलाशी में उनसे 4.27 लाख रुपये की नकली नोट बरामद किए। उसके बाद पुलिस ने भावनपुर के जेई गांव से खुशी के घर से फोटो स्टेट, स्केन मशीन और प्रिंटर उठाया। पुलिस का दावा है कि ए-4 साइज के पेपर पर दो हजार के नोट को पहले स्केन कर प्रिंट करते है। उसके बाद उस नकली करेंसी को बाजारों में सप्लाई करते है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


ए-4 साइज के कागज पर निकालते प्रिंट 
पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने बताया कि स्केन मशीन पर नया दो हजार का नोट लगाकर ए-4 साइज के कागज पर स्केन करते है। उसके बाद उसका कलर प्रिंट निकालते है। नोटों के साइज के मुताबिक कागज की कटिंग करते है। दो-दो लाख रुपये की गड्डी बनाते और फिर मार्केट में उसको सप्लाई करते है। लेकिन नकली नोट देखने और हाथ में लेने से पता चल जाता है। 

40 हजार लेते और एक लाख रुपये देते
प्रेसवार्ता में आरोपियों ने बताया कि नकली नोटों की पहचान हो जाती है। इसके चलते वह कई मार्केट में कुछ व्यापारियों से 40 हजार रुपये लेकर उनके  नकली नोट के एक लाख रुपये देते है। मार्केट में व्यापारी उन्हें चला देते है। आरोपियों ने बेगमपुल पर एक व्यापारी विपिन का नाम जरूर बताया, लेकिन वह कौन और कहां रहते है इसकी जानकारी उनको नहीं है। 

दो लाख रुपये बताए सप्लाई करना? 
पुलिस का दावा है कि आरोपियों ने 80 हजार रुपये लेकर दो लाख रुपये के नकली नोट मार्केट में सप्लाई भी कर दिए है। आरोपियों ने उनके नाम और पते भी पुलिस को जरूर बताए होंगे। सवाल बड़ा कि आखिर पुलिस ने मार्केट में नकली नोट लेने वालों की धड़पकड़ क्यों नहीं की। या फिर पुलिस ने अपना गुडवर्क बड़ा करने के लिए इस मामले को बढ़ा चढ़ाकर प्रस्तुत किया। 

दो हजार के 154, पांच सौ के 238 नोट 
पुलिस ने बताया कि आरोपियों से कुल 4.27 लाख रुपये के नकली नोट मिले है। जिसमें दो-दो हजार के 154 नोट और पांच पांच सौ रुपये के 238 नोट है। एक स्केनर, एक सीपीयू, छह हजार रुपये आधे बने, पांच सौ और दो हजार के, खराब प्रिंटिंग के नोटों की कतरन, एक काले रंग की इंडीवर, एक तमंचा और दो चाकू बरामद किए है। 

‘वीआईपी’ गैंग का सरगना आठवीं फेल

counterfeit notes were preparing to contest Netaji, was disclosed that ...
पकड़े गए आरोपी - फोटो : अमर उजाला
नकली करेंसी बनाने और बाजारों में सप्लाई करने वाले गिरोह का सरगना खुशी गांधी आठवीं फेल है। खुशी बहुत शातिर अपराधी और डकैती, लूट के मामलों में जेल जा चुका है। उसका देहात में नेटवर्क फैला हुआ है। देहात में भोली भाली जनता को लूटने के इरादे से नकली नोटों की करेंसी देहात इलाके में चलाना चाहता था। इससे पहले देहात में सफल होता कि पुलिस ने भंडाफोड़ कर दिया है। 
पुलिस के मुताबिक मुख्य आरोपी खुशी गांधी और आजाद आठवीं पास ‘वीआईपी’ गैंग चलता था। जबकि ताहिर उनका ड्राइवर था। लोकमत पार्टी का प्रदेशाध्यक्ष बनकर खुशी गाड़ी पर पार्टी का झंडा और लालबत्ती काली इंडीवर में आगे बैठता था। जबकि अन्य साथी पीछे बैठते थे। लालबत्ती देखकर किसकी क्या मजाल कोई पुलिसकर्मी उनकी गाड़ी को रोक दे। शुक्रवार को भी पुलिस के पास सटीक मुखबिर था। जिसके चलते उन्होंने घेराबंदी कर उसको गिरफ्तार किया। 
आरोपियों से बरामद नोट देखने और हाथ में लेने से स्पष्ट हो जाता है कि नोट नकली है। आरोपी कैसे मार्केट में इन नोटों को चलाते है, इस पर उनका जवाब था कि कमीशन का खेल है। देहात इलाके में अधिकांश लोगों को अभी नए दो दो हजार और पांच सौ के असली व नकली नोटों में फर्क नहीं पता। इसके चलते वह ज्यादा मूवमेंट देहात इलाके में रखते थे। लोगों को शक न हो, इसलिए मार्केट में व्यापारियों से सेटिंग करते थे। पुलिस का दावा है कि इस गिरोह के अन्य तीन सदस्यों की तलाश जारी है। 
15 हजार किराया देता था गाड़ी का
पुलिस ने बताया कि मुख्य आरोपी खुशी अधिकतर किराये की गाड़ी से रात में लूट और डकैती की वारदात में चलता था। जिसके चलते वह गाड़ी मालिक को एक रात का 15 हजार रुपये किराया देता था। इस किराये के चलते उसने कई बड़े लोगों से संपर्क साधा हुआ था। बड़े घराने के लोग भी उसको अपनी गाड़ी किराये पर देते थे।
तेल कारोबारी के घर डकैती में शामिल था  
आरोपी खुशी टीपीनगर में तेल कारोबारी धनंजय जैन के मकान में हुई करोड़ों रुपये की डकैती में शामिल था। इस मामले में वह जेल भी गया था। जेल से छूटने के बाद खुशी ने लूट की कई आपराधिक वारदात को अंजाम दिया है। पुलिस ने बताया कि  आरोपी पर कई डकैती और लूट के मामले पंजीकृत है। इसके बावजूद भी पार्टी ने उसको टिकट दिया। 
चुनाव में नहीं था लेनादेना 
एसपी सिटी आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि आरोपियों ने आगामी विधानसभा में चुनाव से नकली नोट पकड़े जाने का कोई लेना देना नहीं है। शहर में अधिकांश लोग तो नोटों को पहचान लेते, लेकिन देहात में कुछ लोग उसकी पहचान नहीं कर सकते थे। इसको देखते आरोपियों का ज्यादा मूवमेंट देहात इलाके में दो दो हजार और पांच पांच सौ रुपये के नकली नोट सप्लाई करने का प्लान बनाया था। 
नेशनल लोकमत पार्टी का प्रदेशाध्यक्ष मुख्य आरोपी खुशी गांधी, गाड़ी पर झंडा, वीआईपी लिखा हुआ व हूटर लगाकर चलते थे 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed