छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा में 200 साल से भी ज्यादा पुरान पीपल का पेड़ है। इस पेड़ पर 100 से 150 अजगरों का बसेरा है। यह पेड़ अंदर से पूरी तरह से खोखला है और उसी में अजगर के छोटे-छोटे बच्चे और उनकी मां रहती है। इस पेड़ को देखने जहां दूर-दूर से लोग पहुंचते हैं, वहीं यहां के स्थानीय निवासी इसकी धनगोड़ा यानी समृद्धि देने वाले के रूप में पूजते हैं। खास बात यह है कि पेड़ में रहने वाले अजगर इस पर रहने वाली गिलहरियां और शाखों पर बैठने वाले पक्षियों को कोई नुकसान नहीं पहुंचाते हैं।
200 साल पुराने पीपल पर अजगरों का डेरा: पेड़ पर रहने वाली गिलहरी-चिड़िया को भी नहीं बनाते निवाला, होता है पूजन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जांजगीर-चांपा
Published by: मोहनीश श्रीवास्तव
Updated Thu, 09 Mar 2023 04:50 PM IST
सार
गांव के लोग इन्हें धनगोड़ा यानी समृद्धि देने वाले के रूप में मानते हैं और पूजा करते हैं। मान्यता के मुताबिक, अजगर का घर में होना शुभ संकेत होता है। उसके रहने से जीवन में धन और यश की प्राप्ति होती है। ये पेड़ पर बैठने वाले पक्षियों और गिलहरी को कभी अपना शिकार नहीं बनाते।
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