फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

तस्वीरें: दृष्टिहीन छात्रों ने फैलाई सफलता की रोशनी, ऑडियो सुन किया टॉप, पढ़ें प्रेरक कहानियां

Tue, 14 Jul 2020 02:02 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Tue, 14 Jul 2020 02:02 AM IST
विज्ञापन
CBSE 12 Result 2020 Declared: Chandigarh Blind school's 12th standard result hundred percent

चंडीगढ़ के सेक्टर-26 स्थित ब्लाइंड स्कूल का 12वीं कक्षा का रिजल्ट सौ फीसदी रहा। यहां पढ़ने वाले बच्चे दूसरे विद्यार्थियों की तरह सामान्य नहीं हैं। सभी दृष्टिहीन हैं। इनके सामने पहाड़ जैसी चुनौती थी, जिन्हें इन विद्यार्थियों ने पार कर लिया है। ब्लाइंड स्कूल में कुल दस छात्रों ने आर्ट स्ट्रीम में परीक्षा दी थी। सभी बेहतरीन नंबरों से पास हैं। स्कूल की छात्रा हरलीन कौर ने 96.60 प्रतिशत अंक लाकर टॉप किया है। 96 प्रतिशत अंकों के साथ गरिमा दूसरे जबकि ख्याति बंसल और खुशदीप संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर रहे हैं। दोनों ने 94.80 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। बारहवीं में बेहतरीन नंबर लाने पर ब्लाइंड स्कूल के प्रिंसिपल जेएस जायड़ा ने खुशी जताई और बच्चों को शुभकामनाएं दीं हैं।

CBSE 12 Result 2020 Declared: Chandigarh Blind school's 12th standard result hundred percent
हरलीन कौर अपने परिवार के साथ।

टीचर बनूंगी ताकि अपने जैसे दूसरे बच्चों को कामयाब बना सकूं
ब्लाइंड स्कूल की टॉपर हरलीन कौर मोहाली के पास गांव पत्तों की रहने वाली हैं। पिता मंजीत सिंह किसान हैं और मां सर्बजीत कौर हाउसवाइफ। 96.60 फीसदी अंक लाने वाली हरलीन ने बताया कि भविष्य में वह टीचर बनना चाहतीं हैं। इसके पीछे एक वजह भी है। उनका कहना है कि टीचर सपोर्ट नहीं करते तो वह इस मुकाम तक नहीं पहुंच पातीं। टीचर बनकर वह दूसरे मजबूर विद्यार्थियों की मदद करना चाहती हैं। हरलीन ने बताया कि टीचर की ओर से पाठ्यक्रम की एक रिकार्डिंग दी गई थी, जिसे उन्होंने कई बार सुना। इससे पूरा पाठ्यक्रम उनके दिमाग में बस गया। इस वजह से वह एग्जाम में बेहतर कर पाईं। पिता मंजीत सिंह ने खुशी जताते हुए कहा कि उन्हें अपनी बेटी पर गर्व है। आंखों की रोशनी न होने के बावजूद भी वह अच्छे नंबरों से पास हुई।

CBSE 12 Result 2020 Declared: Chandigarh Blind school's 12th standard result hundred percent
अपनी मां के साथ गरिमा नरूला।

प्रोफेसर बनना चाहतीं हैं गरिमा
96 प्रतिशत अंक लेकर स्कूल में दूसरे स्थान पर आने वाली गरिमा नरूला अंबाला की रहने वालीं हैं। उन्होंने बताया कि पढ़ाई का कभी प्रेशर नहीं लिया। रुटीन की पढ़ाई की। उनके अच्छे अंक लाने में स्कूल के टीचरों की भूमिका महत्वपूर्ण है। गरिमा भविष्य में प्रोफेसर बनकर बच्चों को पढ़ाना चाहतीं हैं। गरिमा के पिता नहीं हैं। संयुक्त परिवार होने की वजह से हर कोई उनकी केयर करता है। परिजनों का कपड़ों का कारोबार है।

विज्ञापन
विज्ञापन
CBSE 12 Result 2020 Declared: Chandigarh Blind school's 12th standard result hundred percent
ख्याति बंसल अपने परिवार के साथ।

संगीत का शौक, इसलिए संगीत टीचर बनूंगी
94.80 प्रतिशत अंक लेने वाली ख्याति बंसल मूल रूप से पंजाब के फरीदकोट की रहने वालीं हैं। पिता पुष्पेंद्र कुमार जनरल स्टोर चलाते हैं जबकि मां अंशु बंसल हाउसवाइफ हैं। ख्याति ने बताया कि उन्हें शुरू से ही म्यूजिक का शौक है। अपने इसी शौक को पूरा करने के लिए वह म्यूजिक टीचर बनना चाहती हैं। ख्याति के मुताबिक एग्जाम से पहले उन्होंने रोजाना नियमित रूप से टीचर की ओर से दी गई रिकार्डिंग को सुना और उसी पर फोकस रखते हुए बेहतर नंबर प्राप्त किए।

विज्ञापन
CBSE 12 Result 2020 Declared: Chandigarh Blind school's 12th standard result hundred percent
खुशदीप सिंह

जो टीचर ने बताया, वही पढ़कर ले आया अच्छे नंबर
94.80 प्रतिशत अंक लेकर संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर रहे खुशदीप सिंह पंजाब के मानसा के रहने वाले हैं। पिता गुरजीत सिंह की दवाइयों की दुकान है और मां हरविंदर कौर हाउसवाइफ हैं। खुशदीप सिंह ने कहा कि वह भविष्य में वेब प्रोग्रामर बनना चाहते हैं। खुशदीप ने बताया कि उन्हें पढ़ाई में कोई दिक्कत नहीं आई, जो स्कूल टीचर ने बताया कि उसे पढ़ते गए और अच्छे नंबर आ गए।

यह भी पढ़ें- तस्वीरें: अचानक पहुंचा बंदर, कुर्सी पर बैठ पेन पकड़ा, चालान बुक जांची, ट्रैफिक पुलिस हैरान!

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed