फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

तस्वीरें: दृष्टिहीन छात्रों का कमाल, चायवाले का बेटा बना टॉपर, बुलंद इरादों से हासिल की सफलता

Wed, 15 Jul 2020 08:44 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Wed, 15 Jul 2020 08:44 PM IST
विज्ञापन
CBSE 10th Result: Blind School Chandigarh students performed well in the CBSE 10th exam
CBSE 10th Result

इरादे बुलंद हों तो बड़ी से बड़ी बाधा भी छोटी पड़ जाती है। फिर चाहे मैदान खेल का हो या पढ़ाई का। एक बार फिर चंडीगढ़ के सेक्टर-26 ब्लाइंड स्कूल के विद्यार्थियों ने साबित कर दिया है कि उनके सामने चाहे जितनी बड़ी चुनौतियां हों, उनकी हिम्मत से बड़ी नहीं। अपनी हिम्मत और हौसलों के बल पर वह हर बाधा को पार कर जाएंगे। दसवीं की परीक्षा में भी स्कूल के विद्यार्थियों ने बेहतरीन अंक प्राप्त कर कामयाबी हासिल की है। दृष्टिहीन छात्र किशोर कुमार ने स्कूल टॉप किया है। उसने परीक्षा में 89.8 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। उनके पिता कुराली के इंडस्ट्रियल एरिया में चाय का स्टॉल लगाते हैं। किशोर की तरह कई ऐसे बच्चे हैं, जो दृष्टिहीन हैं और परीक्षा में अच्छे अंक लाए हैं। ब्लाइंड स्कूल के प्रिंसिपल जेएस जायड़ा ने इन सभी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दीं हैं।

CBSE 10th Result: Blind School Chandigarh students performed well in the CBSE 10th exam
परिजनों के साथ किशोर कुमार।

बेहद गरीब परिवार से ताल्लुक रखते हैं टॉपर किशोर
ब्लाइंड स्कूल में दसवीं टॉप करने वाले किशोर कुमार बेहद गरीब परिवार से आते हैं। उनके माता-पिता कुराली के इंडस्ट्रियल एरिया में एक कमरे के मकान में रहते हैं और वहीं चाय का स्टॉल लगाते हैं। किशोर ने बताया कि उसकी कामयाबी में उनके मां बीना जोशी व उसके पिता केशव जोशी का अहम रोल है। दोनों ही उसे पढ़ाई के लिए प्रेरित करते रहते हैं। 

चाय बनाने के काम में ज्यादा आय तो नहीं होती है लेकिन जो भी आमदनी होती थी, लॉकडाउन में खत्म हो गई। किशोर ने बताया कि वह अपने परिजनों की आर्थिक दशा को लेकर चिंतित रहता था। उसने इस बारे में स्कूल टीचर से बात की तो टीचर ने हौसला बढ़ाते हुए कहा कि अपना ध्यान सिर्फ पढ़ाई में लगाओ। पढ़कर बड़े आदमी बनो और अपने मां-बाप की मदद करो। उसके बाद किशोर पढ़ाई में जुट गया। किशोर पढ़कर आईएएस ऑफिसर बनना चाहता है। जब वह चौथी कक्षा में पढ़ता था, तब उसकी कोर्निया खराब हो गई थी। इस वजह से उनकी आंखों की रोशनी चली गई।

CBSE 10th Result: Blind School Chandigarh students performed well in the CBSE 10th exam
अपने पिता के साथ अखिल।

सॉफ्टवेयर से पढ़ाई कर अखिल बना सेकेंड टॉपर
दसवीं कक्षा में 87.4 प्रतिशत अंक लेकर ब्लाइंड स्कूल में दूसरे नंबर पर रहे अखिल मूलरूप से पंजाब के फिरोजपुर के रहने वाले हैं। उनके पिता संजीव बिजनेसमैन हैं और मां सुषमा हाउस वाइफ। अखिल ने बताया कि उसे बहुत कम दिखाई देता है। 90 फीसदी आंखों की रोशनी नहीं है। उसने टॉकबैक नाम के एक साफ्टवेयर से पढ़ाई कर नोट्स तैयार किए हैं। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता व टीचरों को दिया है।

विज्ञापन
विज्ञापन
CBSE 10th Result: Blind School Chandigarh students performed well in the CBSE 10th exam
लद्दाख निवासी पदमा।

लद्दाख की पदमा ने हासिल किया तीसरा स्थान
दसवीं कक्षा में 85.2 प्रतिशत अंक लेकर तीसरे स्थान पर आई पदमा मूलरूप से लद्दाख की रहने वाली है। पदमा के पिता सजावट का सामान घर में तैयार करके बेचते हैं। पदमा ने बताया कि इस काम से उनके घर की आय बहुत ही कम होती है। जैसे-तैसे घर का खर्चा चलता है। माता-पिता की मेहनत से ही उसे आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है। पदमा ने कहा कि वह मदद टेरेसा से काफी प्रभावित है और भविष्य में उनकी तरह सोशल वर्कर बन समाज की सेवा करनी चाहती है। ब्लाइंड स्कूल में वह हॉस्टल में रहती है। यहां पर रहना व खाना निशुल्क है।

विज्ञापन
CBSE 10th Result: Blind School Chandigarh students performed well in the CBSE 10th exam
इमानजीत सिंह अपने परिवार के साथ।

माता-पिता के प्रेरणा से आए अच्छे अंक
85.2 प्रतिशत अंक हासिल कर स्कूल में संयुक्त रूप से तीसरे नंबर पर आए इमानजीत सिंह ने बताया कि उसकी सफलता में माता-पिता का अहम रोल है। अभिभावक टीचर हैं और बच्चों को शिक्षित करने का काम करते हैं। इसी प्रेरणा से उसने पढ़ाई की है और परीक्षा में 85 फीसदी अंक हासिल किए। वह मूलरूप से पंजाब के नवांशहर के रहने वाला है। पिता गुरप्रीत सिंह नवांशहर के पास सरकारी स्कूल मे प्रिंसिपल हैं जबकि मां जसबीर कौर गवर्नमेंट स्कूल में गणित की टीचर हैं। उसे म्यूजिक काफी पसंद है और वह म्यूजिक में ही भविष्य तलाशना चाहता है।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed