हमारे जीवन में पैसों अर्थात नोटों की काफी अहमियत है। नोट किसी भी रंक को राजा बना देता है। हाल ही में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा विभिन्न रंगों के नोट जारी किए गए हैं। इनमें गुलाबी रंग, नीला रंग, लैवेंडर रंग, हरापन लिए हुए पीला रंग और कई रंग शामिल हैं। नोट बनाते समय उनके डिजाइन समेत खूबसूरती का भी ध्यान रखा जाता है। ऐसे में हम आज आपको बताएंगे कि दुनिया के तीन सबसे खूबसूरत नोट कौन से हैं और इनमें भारत का क्या स्थान है।
ये हैं दुनिया के तीन सबसे खूबसूरत नोट, जानें किस स्थान पर है भारत का नोट
कनाडा का नोट बना दुनिया का सबसे खूबसूरत नोट
साल 2018 में कनाडा का 10 डॉलर का नोट सबसे खूबसूरत रहा। आईबीएनएस द्वारा कनाडा का 10 डॉलर का नोट 'नोट ऑफ द इयर 2018' चुना गया है। बैंगनी रंग के इस नोट के आगे के हिस्से में हैलीफैक्स नॉर्थ का नक्शा और वॉयला डेसमंड की तस्वीर छपी है। वहीं इसके पिछले हिस्से में बाज के पंख, मानवाधिकारों के लिए स्थापित कनाडाई म्यूजियम, अधिकारों और स्वतंत्रता को लेकर कनाडा के चार्टर को प्रदर्शित किया गया है। बता दें कि वॉयला डेसमंड ने 1946 में नस्लीय अलगाव को चुनौती दी थी और अश्वेत महिलाओं के अधिकारों के लिए संघर्ष भी किया था। आइए जानते हैं दूसरे और तीसरे स्थान पर कौनसा नोट है।
स्विटजरलैंड का 200 फ्रैंक ने हासिल किया दूसरा स्थान
भूरे रंग का स्विटजरलैंड का 200 फ्रैंक दुनिया का दूसरा सबसे खूबसूरत नोट बना। स्विटजरलैंड के इस नोट में सबसे खास बात है कि ये नोट वर्टिकल आकार का है। इस नोट के आगे के हिस्से में एक हाथ को दिखाया गया है। इस हाथ की तीन उंगलियां तीन डाइमेंशन को इशारा कर रही हैं। इस नोट में स्विस फ्लैग और ग्लोब का वाटरमार्क है। इसके साथ ही नोट में एक ग्लोब पर लैंड मास को प्रदर्शित भी किया गया है। नोट के पिछले हिस्से में पॉर्टिकल डिटेक्टर और पॉर्टिकल कोलिजन को प्रदर्शित किया गया है। आइए जानते हैं दुनिया का तीसरा सबसे खूबसूरत नोट कौन सा है।
रूस का 100 रूबल
रूस के 100 रूबल को दुनिया का तीसरा सबसे खूबसूरत नोट घोषित किया गया है। यह नीला, हरा, पीला और लाल रंग में है। रूस के इस नोट के आगे के हिस्से में एक लड़का अपनी बाजु में फुटबॉल लेकर खड़ा है और एक गोलकीपर को फुटबॉल के लिए डाइव करते हुए दिखाया गया है। वहीं नोट के पिछले हिस्से में एथलेटिक फैंस को लेकर रूस के झंडे को दिखाया गया है। आइए जानते हैं भारत का नोट कौन से स्थान पर है।
आईबीएनएस को दुनिया के 150 देशों ने अपनी करेंसी का नॉमिनेशन भेजा था। इसमें भारत शामिल नहीं है। भारत ने इस बार अपनी करेंसी को नॉमिनेशन के लिए नहीं भेजा था। बता दें कि भारत भी आईबीएनएस का एक सदस्य है लेकिन इस साल भारत ने इसमें भाग नहीं लिया था।