फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

अप्रैल से बदल सकते हैं आपकी सैलरी से जुड़े ये नियम, जानिए आपको फायदा होगा या नुकसान

Mon, 15 Feb 2021 11:57 AM IST
‌डिंपल अलावाधी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: ‌डिंपल अलावाधी Updated Mon, 15 Feb 2021 11:57 AM IST
विज्ञापन
labour ministry finalised rules under the four labour codes and is likely to notify them with effect from April 2021
लेबर कोड - फोटो : pixabay

केंद्रीय श्रम एवं रोजगार कल्याण मंत्रालय ने चार श्रम संहिताओं (लेबर कोड) के तहत नियमों को अंतिम रूप दे दिया है। लेकिन इनको अमल में लाने के लिए नियमों को नोटिफाई करना जरूरी है। अप्रैल 2021 में सरकार इन्हें नोटिफाई कर सकती है। देश के सबसे व्यापक श्रम सुधारों का असर नियोक्ताओं पर और कर्मचारियों की टेक होम सैलरी दोनों पर पड़ेगा।

labour ministry finalised rules under the four labour codes and is likely to notify them with effect from April 2021
लेबर कोड - फोटो : pixabay

सैलरी स्ट्रक्चर में होगा बड़ा बदलाव
नए नियम लागू होने के बाद से कंपनियां कर्मचारियों के कंपेनसेशन पैकेज/कॉस्ट टू कंपनी (सीटीसी) को रीस्ट्रक्चर करने में प्रेरित होंगीं। कर्मचारियों को सीटीसी में बदलाव करना होगा क्योंकि नए नियमों के अनुसार, सभी भत्ते, जैसे- यात्रा, घर का किराया और ओवरटाइम को सीटीसी के 50 फीसदी से अधिक नहीं हो सकते हैं। यानी अप्रैल 2021 से कुल सैलरी में बेसिक सैलरी का हिस्सा 50 फीसदी या फिर उससे ज्यादा रखना होगा। नया वेज रूल आने के बाद सैलरी स्ट्रक्चर में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।

labour ministry finalised rules under the four labour codes and is likely to notify them with effect from April 2021
लेबर कोड - फोटो : pixabay

बदलेगी मजदूरी की परिभाषा
'कोड ऑन वेजेस 2019' ने मजदूरी की परिभाषा को संशोधित किया है। इसमें अब मूल वेतन, (मुद्रास्फीति आधारित) महंगाई भत्ता और रिटेंशन पेमेंट शामिल होंगे। नई परिभाषा के अनुसार, वेतन में पेंशन और पीएफ योगदान, कन्वेंस भत्ता, एचआरए, ओवरटाइम और ग्रेच्युटी शामिल नहीं होंगे। यदि इनमें से कोई भी भाग कर्मचारी के कुल सीटीसी के 50 फीसदी से अधिक होगा, तो विशेष भत्ते को छोड़कर, अतिरिक्त राशि सामाजिक सुरक्षा लाभों की गणना के लिए वेतन में वापस जोड़ दी जाएगी। मूल वेतन की व्यापक परिभाषा से सामाजिक सुरक्षा योगदान में वृद्धि होगी, क्योंकि कंपनियां अपने सामाजिक सुरक्षा योगदान की गणना मजदूरी की परिभाषा के आधार पर तय करती हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन
labour ministry finalised rules under the four labour codes and is likely to notify them with effect from April 2021
लेबर कोड - फोटो : pixabay

संसद ने चार श्रम कोड किए पारित
संसद ने मजदूरी, औद्योगिक संबंध, व्यावसायिक सुरक्षा स्वास्थ्य और कामकाजी परिस्थितियों और सामाजिक सुरक्षा पर चार श्रम कोड पारित किए हैं। इससे बड़ी संख्या में श्रम कानूनों में बदलाव लाया गया। इनमें से कुछ स्वतंत्रता के पहले से लागू हैं। इन परिवर्तनों से 29 केंद्रीय श्रम कानूनों को चार संहिताओं में बदला गया है।

विज्ञापन
labour ministry finalised rules under the four labour codes and is likely to notify them with effect from April 2021
लेबर कोड - फोटो : pixabay

क्या होगा ग्रेच्युटी का नियम?
नए नियमों से ग्रेच्युटी की गणना पर स्पष्टता अभी बाकी है। ग्रेच्युटी कंपनी की ओर से कर्मचारियों को दी जाती है। इसकी गणना कर्मचारी द्वारा प्राप्त की गई आखिरी सैलरी पर होती है। लगातार पांच सालों तक काम करने पर कर्मचारियों को ग्रेच्युटी मिलती है। पिछले पांच वर्षों में काम किए गए प्रत्येक वर्ष के लिए उनके वेतन का 15 दिन का हिसाब रखते हुए इसकी गणना होती है। हालांकि, नए बदलावों के तहत, सेवा के एक वर्ष पूरा करने वाले निश्चित अवधि के कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को भी ग्रेच्युटी मिलेगी।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Budget 2022 से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed