महंगाई के इस दौर में बच्चों से लेकर बूढ़ों तक, हर कोई पैसों को लेकर परेशान रहता है। ऐसे में लोग अपना पैसा बैंक में जमा कर उस पर मिल रहे रिटर्न का फायदा उठाते हैं। एफडी के जरिए लोगों का पैसा सुरक्षित भी रहता है और उन्हें रिटर्न भी मिलता है। लेकिन अगर आप बैंक डिपॉजिट से भी ज्यादा रिटर्न पाना चाहते हैं तो गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFC) में निवेश आपके लिए अच्छा माध्यम साबित हो सकता है। आइए जानते हैं इसके बारे में।
यदि आप कम अवधि की फिक्सड डिपॉजिट (एफडी) पर अधिक ब्याज पाना चाहते हैं, तो गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) में निवेश एक बेहतर विकल्प हो सकता है। गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (एनबीएफसी) और मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों द्वारा जारी किए जाने वाले कंपनी डिपॉजिट में पैसा जमा करना आपके लिए बेहतर विकल्प साबित हो सकता है। बैंक डिपॉजिट की तुलना में कंपनी डिपॉजिट से आपको ज्यादा ब्याज मिलता है। अगली स्लाइड में जानते हैं ये काम कैसे करता है और इससे कितना ब्याज मिलता है।
बता दें कि डिपॉजिट के जरिए पैसे जुटाकर कंपनियां अपना कारोबार बढ़ाती हैं। कंपनियों के लिए ये एक तरह का अनसिक्योर्ड लोन होता है। यानी डिफॉल्ट की स्थिति में निवेशकों को कोई गारंटी नहीं मिलती हैं।
यह भी पढ़ें: आयकर विभाग का करदाताओं को तोहफा, ITR वेरिफाई करना हुआ और भी आसान
कंपनी डिपॉजिट में एफडी की तुलना में ज्यादा जोखिम होता है। लेकिन ज्यादा ब्याज से ये ज्यादा ग्राहकों को आकर्षित करने में सफल हो जाता है। ये उन लोगों के लिए है जिन्हें नियमित आय चाहिए। बता दें कि एफडी और कंपनी डिपॉजिट दोनों ही 10 वर्षों तक के लिए कराई जा सकती है। आइए जानते हैं कंपनी डेपॉजिट के माध्यम से आपको कितना ब्याज मिल सकता है।
यह भी पढ़ें: सोने के बाथ टब में नहाती है ये महिला, पिता से विरासत में मिली लग्जरी लाइफ, देखें तस्वीरें
फिक्स्ड डिपॉजिट की तुलना में कंपनी डिपॉजिट पर आपको 50 से 100 बीपीएस (ब्याज दर का एक मापक) ज्यादा मिलता है। इतना ही नहीं, वरिष्ठ नागरिकों को सामान्य रेट्स से 25 से 40 बीपीएस ज्यादा मिलता है। भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) एक साल से 10 साल की अवधि पर 6.4 फीसदी से 6.75 फीसदी तक ब्याज देता है। वहीं वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह दर 6.9 फीसदी से 7.25 फीसदी के बीच है। वहीं एनबीएफसी अपने कॉपोर्रेट डिपॉजिट पर 7.7 फीसद से आठ फीसदी तक ब्याज देता है। लेकिन वरिष्ठ नागरिकों के लिए ये दर 7.95 से 8.25 फीसदी के बीच है।